Osman Hadi को किसने मारा? कौन है मुख्य आरोपी मसूद और क्यों नहीं मिल रहा उसका सुराग?

Faisal Karim Masud: बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारी तनाव है। मुख्य संदिग्ध मसूद फरार है और पुलिस अब तक उसके ठिकाने का पता लगाने में पूरी तरह विफल रही है।
Osman Hadi murder Suspect Faisal Karim Masud
बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी और उसकी हत्या का आरोपी फैसल करीम मसूद (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Sharif Osman Hadi Investigation: बांग्लादेश के उभरते हुए युवा नेता और 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने पूरे देश को आक्रोश से भर दिया है। 32 वर्षीय हादी को ढाका के व्यस्त इलाके में उस समय गोली मारी गई, जब वे अपने चुनाव अभियान से लौट रहे थे।

सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत के बाद से ही बांग्लादेश की सड़कों पर हिंसा, आगजनी और विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद के फरार होने और पुलिस की जांच में देरी ने अंतरिम सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान खूनी हमला

शरीफ उस्मान हादी ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में आगामी फरवरी 2026 के आम चुनावों की तैयारी कर रहे थे। 12 दिसंबर 2025 को जब वे मोटिजील इलाके में प्रचार करके लौट रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। एक गोली उनके सिर में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज और फिर बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली।

कौन है मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद?

जांच एजेंसियों ने फैसल करीम मसूद (जिसे राहुल के नाम से भी जाना जाता है) को मुख्य शूटर के रूप में पहचाना है। मसूद प्रतिबंधित छात्र संगठन 'छात्र लीग' का सक्रिय नेता रहा है, जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की छात्र शाखा है। पुलिस को पता चला है कि मसूद पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और एक साल पहले उसे डैकती के मामले में अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी।

गर्लफ्रेंड को दिया था 'बड़ा धमाका' होने का संकेत

जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हमले से एक रात पहले मसूद अपनी गर्लफ्रेंड मारिया अख्तर लिमा के साथ सावर के एक रिसॉर्ट में था। वहां उसने मारिया को हादी का एक वीडियो दिखाते हुए कहा था, "कल कुछ ऐसा होने वाला है जिससे पूरा देश दहल जाएगा।" इस बयान से स्पष्ट होता है कि हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे महीनों की साजिश और रेकी शामिल थी। पुलिस ने मारिया सहित मसूद के परिवार के 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी गायब है।

पुलिस की नाकामी और राजनीतिक साजिश के आरोप

अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक खोंदाकर रफीकुल इस्लाम ने स्वीकार किया है कि उनके पास मसूद के वर्तमान ठिकाने के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। पुलिस को अंदेशा है कि वह सीमा पार कर चुका है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

हादी के समर्थकों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर रास्ते से हटाया गया है क्योंकि वे 'भारतीय वर्चस्व' और पुरानी राजनीतिक व्यवस्था के कड़े आलोचक थे। हत्या के बाद प्रदर्शनकारियों ने 'प्रोथोम एलो' और 'द डेली स्टार' जैसे बड़े मीडिया संस्थानों के दफ्तरों को भी निशाना बनाया है।

अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

शनिवार को हादी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जिसमें लाखों की भीड़ उमड़ी। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और सेना प्रमुख ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

यूनुस ने इस घटना को लोकतंत्र की यात्रा पर बड़ा प्रहार बताया है। बांग्लादेश में फिलहाल तनावपूर्ण शांति है और लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर हत्यारों को नहीं पकड़ा गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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