
असीम मलिक (डिजाइन फोटो)
नवभारत डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए बर्बर हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। जिसके चलते देश की जनता भी आक्रोशित है और सरकार से एक्शन की मांग कर रही है। पाकिस्तान भी इसे लेकर खौफ में है, जिसका एक उदाहरण बुधवार रात भी देखने को मिला, जब पाक ने ISI चीफ असीम मलिक को नया सुरक्षा सलाहकार बना दिया।
पाकिस्तान में लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद असीम मलिक को आईएसआई के नए प्रमुख के तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वे पहले से ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) में महानिदेशक के पद पर काम कर रहे हैं। उन्हें 30 सितंबर 2024 को आईएसआई प्रमुख नियुक्त किया गया था। पाकिस्तान में यह पद काफी अहम माना जाता है। पाकिस्तान में सेना प्रमुख के बाद इस पद को सबसे ज्यादा महत्व मिलता है।
असीम मलिक को ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ भी मिल चुका है। असीम नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी (एनडीयू) में चीफ इंस्ट्रक्टर के साथ-साथ कमांड एंड स्टाफ कॉलेज क्वेटा में इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम कर चुके हैं। मलिक ने अमेरिका से ग्रेजुएशन किया है और उन्होंने रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, लंदन से भी पढ़ाई की है। असीम मलिक को सुरक्षा और विदेशी मामलों के सबसे बेहतरीन विशेषज्ञों में से एक माना जाता है।
मलिक को बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में काम करने का अच्छा अनुभव है। यहां काफी समय से आंदोलन चल रहा है। साथ ही भारत का डर भी साफ दिखाई देता है। माना जा रहा है कि इसी वजह से आईएसआई चीफ की कमान के बाद अब उन्हें सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी दी गई है। वह बलूचिस्तान में इन्फैंट्री डिवीजन के प्रमुख रह चुके हैं। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में लगातार हमले हुए हैं। पिछले एक साल में यहां हमलों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है।
पाकिस्तान में आईएसआई चीफ कितना ताकतवर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी नियुक्ति सीधे प्रधानमंत्री करते हैं। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी सीधा पीएम को रिपोर्ट करता है। लेकिन यह बात जगजाहिर है कि यहां एनएसए और आईएसआई चीफ दोनों सेना प्रमुख के इशारे पर काम करते हैं।
विदेश की अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
देश के अंदरूनी मामलों में न सिर्फ उनका दखल देखने को मिला है बल्कि विदेश नीति को लेकर भी उनका प्रभाव देखने को मिला है। वहीं, असीम मलिक को आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीब दोनों का करीबी माना जाता है।






