नेपाल में केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री बनने से भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा

ओली सरकार में ही नेपाल ने अपना एक नक्शा जारी किया था जिसपर विवाद खड़ा हो गया था। नेपाल ने मई 2020 में अपना आधिकारिक नक्शा जारी किया था। जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा इलाके को नेपाल की सीमा में दर्शाया था।
Nepal claims on Indian territories
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली
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काडमांडू: नेपाल में कल यानी 12 जुलाई पुष्प कमल दहल प्रचंड की सरकार गई। प्रचंड सरकार फ्लोर टेस्ट नहीं पास कर पाई। केपी शर्मा ओली ने नेपाली कांग्रेस के गठबंधन में सरकार बनाने का दावा पेश किया है। रविवार दोपहर तक ओली प्रधानमंत्री पद का शपथ भी ग्रहण कर लेंगे। प्रचंड सरकार भारत के समर्थक थी। ओली का चीन के प्रति ज्यादा झुकाव है।

नेपाल, भारत का पड़ोसी देश है। ऐसे में नेपाल में ओली की सरकार बनने से भारत पर क्या असर पड़ेगा आइये समझने का प्रयास करते हैं।केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और नेपाल के संबंधों पर थोड़ा असर पर सकता है। ओली सरकार में ही नेपाल ने अपना एक नक्शा जारी किया था जिसपर विवाद खड़ा हो गया था।

नेपाली कांग्रेस का संबंध भारत से अच्छा

नेपाल ने मई 2020 में अपना आधिकारिक नक्शा जारी किया था। जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा इलाके को नेपाल की सीमा में दर्शाया था। भारत ने इस पर आपत्ति जाहिर की थी। साथ ही इस नक्शे को मानने से इनकार कर दिया था। इस बार सरकार में नेपाली कांग्रेस भी है। इस पार्टी का संबंध भारत से अच्छा है। नेपाली कांग्रेस डिप्लोमेसी के जरिए समस्या का समाधान ढूंढने पर जोर देती है। ऐसे में नई सरकार भारत के साथ रिश्ते में अधिक बदलाव कर पाएगी इसकी संभावना कम है।

अच्छा है कि इस बार ओली सरकार में नेपाली कांग्रेस भी शामिल रहेगा। इस पार्टी का भारत से अच्छा संबंध है। नेपाली कांग्रेस समस्या पैदा करने पर नहीं बल्कि डिप्लोमेसी के जरिए समस्या का समाधान ढूंढने पर जोर देती है। ऐसे में नई सरकार भारत के साथ रिश्ते में अधिक बदलाव कर पाएगी इसकी संभावना कम है। एक नजर डालते हैं भारत और नेपाल के संबंध पर।

भारत और नेपाल को एक-दूसरे की जरूरत 

माना जाता है कि नेपाल से भारत का रोटी-बेटी का संबंध है। सदियों से नेपाल के साथ भारत का भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और रहा है। ऐसे में भारत और नेपाल को एक-दूसरे की जरूरत भी हैं। इसके की कई वजहें हैं। जो इस तरह है।

1. भारत के साथ नेपाल 1751 किमी बॉर्डर शेयर करता है। भारत के कुल पांच राज्य हैं जो नेपाल की सीमा से लगे हुए हैं। ये राज्य उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल हैं।

2. नेपाल के कुल 75 जिलों में से 23 ऐसे जिले हैं जो भारत की सीमा से लगते हैं। बिहार के साथ नेपाल के 12 जिले, उत्तर प्रदेश के साथ 8, पश्चिम बंगाल के साथ 2 जिसमें एक बिहार जिसमें से एक बिहार सीमा के भी साथ साझा करता है। उत्तराखंड के साथ चार जिसमें दो पश्चिम बंगाल , एक सिक्किम और उत्तर प्रदेश के साथ भी लगते हैं। ऐसे में सीमा सुरक्षा को ध्यान रखते हुए नेपाल से दोस्ती भारत की जरूरत है।

3. नेपाल की कुल आबादी लगभग 3 करोड़ है। भारत सरकार के 2019 के एक आंकड़े के मुताबिक, नेपाल के लगभग 60 लाख लोग भारत में रहते हैं और यहीं पर अपनी आजीवका भी चलाते हैं यानी काम करते हैं। एक तरह से देखा जाए तो नेपाल की करीब 20 फीसदी आबादी भारत में रहती है और भारत पर ही उनकी आजीविका निर्भर है।

4. सुरक्षा की दृष्टि से देखें तो भारतीय सेना में भी नेपाल के लोगों की भर्ती होती है। वर्तमान में 32,000 गोरखा सैनिक भारतीय सेना में तैनात हैं। साथ ही करीब 3,000 करोड़ रुपए पेंशन के तौर पर हर साल करीब सवा लाख पूर्व गोरखा सैनिकों को दी जाती है।

5. विदेशों में काम कर रहे नागरिकों में सबसे ज्यादा लोग भारत में ही हैं, क्योंकि दोनों देशों की सीमाएं एक-दूसरे के लिए खुली हुई हैं। जहां किसी तीसरे देश में काम करने के लिए नेपालियों को लेबर परमिट के लिए आवेदन करना पड़ता है, वहीं भारत में काम करने के लिए ऐसे किसी परमिट की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

 6. भारत सरकार की 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 6 लाख भारत के लोग नेपाल में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग बिजनेस के उद्देश्य से नेपाल जाते हैं। इसके आलावा सीमा से सटे इलाकों के कई ऐसे लोग भी हैं जो रहते तो भारत में हैं लेकिन उनकी जीविका नेपाल से चलती हैं।

7. भारत की कई प्राइवेट और सरकारी कंपनियां भी नेपाल में काम करती हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो, नेपाल के FDI में 30 फीसदी हिस्सा भारत से आता है।

8.यही नहीं भारत अपने 6 पड़ोसी देश चीन, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के साथ कुल 90 हजार करोड़ रुपए का सीमा व्यापार करता है। जो भारत के कुल व्यापार का 1.56 फीसदी है। भारत जिन 6 पड़ोसी देशों से व्यापार करता है, उनमें नेपाल शीर्ष पर है।

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