'अगर नोबेल लेने विदेश गईं तो...', वेनेजुएला ने मारिया मचाडो दी चेतावनी, ट्रंप का रास्ता क्लियर!

Nobel Peace Prize 2025: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो पर आपराधिक आरोप हैं और ओस्लो समारोह में जाने पर उन्हें देश से फरार घोषित किया जा सकता है।
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मारिया कोरिना मचाडो (सोर्स- सोसल मीडिया)
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Nobel Peace Prize Controversy: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला है। वे इस पुरस्कार को प्राप्त करने के लिए नॉर्वे जाना चाहती हैं, लेकिन वेनेजुएला की सरकार ने उन्हें चेतावनी दी है कि यदि वे देश से बाहर गईं तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद उनके नॉर्वे जाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

यह पुरस्कार हर साल की तरह 10 दिसंबर को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में दिया जाएगा। लेकिन वेनेजुएला की सरकार ने उनके विदेश जाने पर एतराज जताया है। देश के अटॉर्नी जनरल तारेक विलियम साब ने कहा है कि अगर मचाडो देश छोड़ती हैं, तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा।

मचाडो पर कई आपराधिक मामले

उन्होंने बताया कि मचाडो पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें साजिश, नफरत फैलाने और आतंकवाद जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। 58 वर्षीया मचाडो लंबे समय से वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष कर रही हैं। उनका कहना है कि सरकार ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं ताकि उन्हें राजनीति से दूर किया जा सके। उन्होंने बताया कि वे फिलहाल देश में छिपकर रह रही हैं क्योंकि उन्हें गिरफ्तारी का डर है। इसके बावजूद उन्होंने हाल ही में घोषणा की थी कि वे नोबेल पुरस्कार लेने नॉर्वे जरूर जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मचाडो पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे अमेरिका की नीतियों का समर्थन करती हैं। उन्होंने कैरेबियाई सागर में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का समर्थन किया था।

अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव

इस इलाके में अमेरिका ने अपने युद्धपोत, लड़ाकू विमान और बड़े विमान वाहक जहाज तैनात किए हैं। अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह एंटी-ड्रग मिशन है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकना है।

हालांकि, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का कहना है कि अमेरिका इस मिशन के ज़रिए उनकी वामपंथी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहा है। मादुरो की सरकार कई सालों से अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना कर रही है। 2015 में शुरू हुए इन प्रतिबंधों को ट्रंप प्रशासन ने और सख्त कर दिया था। उस समय अमेरिका ने मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया था।

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