नासिक: बागलाण में बाईपास विवाद, अतिक्रमण नोटिसों पर ग्रामीण भड़के, राजनीतिक रंजिश का आरोप

Nashik Gram Sabha Resolution: बागलाण के बुंधाटे-डांगसौंदाणे बाईपास पर अतिक्रमण नोटिसों के खिलाफ ग्रामसभा ने कड़ा विरोध दर्ज किया। ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी पर बिना सहमति कार्रवाई का आरोप लगाया।
Nashik: Baglan bypass dispute: Villagers furious over encroachment notices, political rivalry alleged
नासिक बागलाण में बाईपास विवाद ( नवभारत डिजाइन फोटो )
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Nashik Encroachment Dispute: नासिक बागलाण तहसील के बुंधाटे डांगसौंदाणे बाईपास सड़क विस्तार और निजी संपत्ति धारकों के अतिक्रमण सिद्ध न होने के कारण ग्राम सभा ने एकमत से इसका कड़ा विरोध किया है।

ग्राम सभा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) देवला-कलवण द्वारा जारी किए गए नोटिसों के खिलाफ कड़ा प्रस्ताव पारित किया है। बुंधाटे से डांगसौंदाणे बाईपास सड़क का निर्माण निजी संपत्ति धारकों की सहमति से तत्कालीन सरकारी ठेकेदार बी. डी. पाटिल के माध्यम से किया गया था।

ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्माण के समय पीडब्ल्यूडी ने ग्राम पंचायत से विस्तार के लिए न तो कोई भूमि मांगी थी और न ही कोई लिखित मंजूरी ली थी।

बावजूद इसके, अब ग्राम पंचायत की 'गावठाण' भूमि पर स्थित संपत्तियों को अतिक्रमण बताकर नोटिस जारी किए गए हैं। ग्रामीणों और दुकानदारों का आरोप है कि ये नोटिस राजनीतिक रंजिश के चलते दिए गए हैं।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मिलीभगत

पिछले 50 से 60 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे लोगों को अचानक बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, जिससे संपत्ति चारक आक्रामक हो गए है। डांगसौंदाणे-बुंधाटे ग्राम पंचायत सीमा के भीतर स्थित दुकानों और निजी संपत्तियों को निशाना बनाए जाने से हड़कंप मचा है।

बुधाटे ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित होते ही दोनों गांवों के संपत्ति धारक एकजुट हो गए हैं। लगभग 75 संपत्ति धारकों ने अब इस मामले को अदालत में ले जाने का निर्णय लिया है, ग्रामीणों का मानना है कि कानूनी कार्रवाई से शिकायतकर्ता और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कथित मिलीभगत उजागर हो जाएगी।

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