अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर (सोर्स-सोशल मीडिया)
US winter storm emergency: अमेरिका के पूर्वी हिस्से में आए भीषण बर्फीले तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण देश के कई राज्यों में गंभीर संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से लाखों लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं और परिवहन सेवाएं ठप हैं। सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर कई कड़े कदम उठाए हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
अमेरिका के न्यू मैक्सिको से लेकर पूर्वी तट तक लगभग 10 लाख से अधिक लोगों के घरों में बिजली नहीं है। तूफान की वजह से ग्रिड पर भारी दबाव पड़ा है जिसके कारण टेनेसी और मिसिसिपी जैसे राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। टेक्सास में ब्लैकआउट रोकने के लिए ऊर्जा विभाग ने आपातकालीन आदेश जारी कर बैकअप संसाधनों के इस्तेमाल की अनुमति दी है।
खराब मौसम की वजह से रविवार को 10,800 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इससे पहले शनिवार को भी 4,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल की गई थीं जिससे एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ जमा हो गई। न्यूयॉर्क और फिलाडेल्फिया जैसे शहरों में 80 फीसदी से अधिक उड़ानें बंद रहीं क्योंकि वहां उड़ान भरना सुरक्षित नहीं था।
खतरे को देखते हुए अमेरिका के 17 राज्यों और वॉशिंगटन डीसी में आधिकारिक तौर पर मौसम आपातकाल की घोषणा की गई है। नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी है कि ओहायो वैली से लेकर उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी जारी रहेगी। न्यू इंग्लैंड जैसे इलाकों में 18 इंच तक बर्फ गिरने का अनुमान लगाया गया है जो स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
तूफान का सबसे ज्यादा असर लुइसियाना, केंटकी, जॉर्जिया और अलबामा जैसे महत्वपूर्ण अमेरिकी राज्यों में देखा जा रहा है। डेल्टा एयरलाइंस जैसी बड़ी कंपनियों ने सीमित संचालन की घोषणा की है और कई अतिरिक्त उड़ानों को भी रद्द किया है। अटलांटा, बोस्टन और न्यूयॉर्क के हवाई अड्डों पर परिचालन पूरी तरह से मौसम के मिजाज पर निर्भर हो गया है।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह बर्फीला तूफान आने वाले कुछ दिनों तक अपना प्रभाव बनाए रख सकता है जिससे मुश्किलें बढ़ेंगी। सड़कों पर बर्फ की मोटी चादर जमने से यातायात पूरी तरह बाधित है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन युद्धस्तर पर सड़कों की सफाई और बिजली व्यवस्था को बहाल करने के काम में जुटा हुआ है ताकि राहत मिल सके।
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डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने डेटा सेंटरों और बड़े संस्थानों को बैकअप बिजली इस्तेमाल करने का आदेश दिया है। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य ग्रिड को फेल होने से बचाना है ताकि बाकी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बनी रहे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और घर में सुरक्षित रहें।