ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के एयर स्ट्राइक में घायल होने और कोमा में होने की खबर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran Leader Mojtaba Khamenei Airstrike Injury: ईरान में सत्ता परिवर्तन के बाद भी संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है और अब नेतृत्व पर ही सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में खबर आई है कि नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई एक हवाई हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए हैं और फिलहाल कोमा में हैं। ईरानी नेता के हवाई हमले में घायल होने की इस खबर ने न केवल तेहरान बल्कि पूरी दुनिया के कूटनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। हालांकि इन रिपोर्टों की अभी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इसने पश्चिम एशिया के तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ की रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा खामेनेई को हवाई हमले में ऐसी चोटें आई हैं कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा है। उनके पेट और लीवर में भी गंभीर नुकसान की बात कही जा रही है जिसके बाद उन्हें तेहरान के सीना विश्वविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि जिस स्पेशल यूनिट में उनका इलाज चल रहा है, उसे पूरी तरह से सील कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि 56 वर्षीय मोजतबा उसी एयर स्ट्राइक का शिकार हुए जिसमें उनके 86 वर्षीय पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हुई थी। हालांकि यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें 28 फरवरी वाले हमले में ही चोटें आईं या वे किसी अन्य हमले का निशाना बने हैं। इस अनिश्चितता ने देश के भीतर नेतृत्व की स्थिति और शासन की स्थिरता को लेकर कई तरह के भ्रम और सामाजिक डर पैदा कर दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मोजतबा शायद जीवित हैं लेकिन उनकी चोटें बहुत ही गहरी और जानलेवा हो सकती हैं। दूसरी ओर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सीधी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मोजतबा खामेनेई की जान की अब कोई गारंटी नहीं है और अभियान जारी रहेगा। इन बयानों ने यह साफ कर दिया है कि विरोधी पक्ष इस नाजुक स्थिति में ईरान पर सैन्य दबाव कम करने के मूड में नहीं हैं।
मोजतबा की हालत को लेकर उठते सवालों के बीच ईरानी सरकारी मीडिया ने एक संदेश प्रसारित किया जिसे मोजतबा खामेनेई का सत्ता संभालने के बाद का पहला आदेश बताया गया। इस संदेश को खुद मोजतबा के बजाय एक समाचार एंकर ने पढ़कर सुनाया जिसमें नागरिकों के खून का बदला लेने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी गई है। यह संदेश संभवतः देश की जनता और सेना का मनोबल बनाए रखने के लिए शासन द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के तहत जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें: ईरान में ‘राष्ट्रीय एकता सप्ताह’ का ऐलान: मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने का दिया आदेश
ईरानी विश्लेषकों का मानना है कि अगर मोजतबा सक्रिय नहीं रह पाते हैं, तो भी देश की सैन्य व्यवस्था बिना सीधे आदेश के युद्ध जारी रख सकती है। अली खामेनेई ने शासन का ऐसा मजबूत ढांचा तैयार किया है जो किसी एक सक्रिय नेता की मौजूदगी के बिना भी सुचारू रूप से काम करने में पूरी तरह सक्षम है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें तेहरान के उस अस्पताल पर टिकी हैं जहां ईरान का नया भविष्य फिलहाल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।