- Hindi News »
- World »
- Us Presses Sri Lanka Not To Return Iranian Warship Crew
अमेरिका का श्रीलंका पर दबाव: ईरानी युद्धपोत के बचे हुए सैनिकों को वापस न भेजने की मांग से बढ़ा तनाव
- Written By: प्रिया सिंह
US Sri Lanka Pressure: अमेरिका ने श्रीलंका पर दबाव बनाया है कि वह डूबे हुए ईरानी युद्धपोत IRIS-Dena के बचे हुए 32 सैनिकों और दूसरे जहाज के चालक दल को ईरान वापस न भेजे, जिससे कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iranian Crew Repatriation Standoff: श्रीलंका के समुद्री तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोए जाने के बाद अब कूटनीतिक जंग तेज हो गई है। अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने श्रीलंका सरकार से मांग की है कि वह बचाए गए ईरानी सैनिकों को वापस तेहरान न भेजे। इस घटना ने दक्षिण एशिया में अमेरिका, ईरान और श्रीलंका के बीच एक नया तनाव पैदा कर दिया है। श्रीलंका के राष्ट्रपति के मानवीय रुख और अमेरिका की कड़ाई के बीच अब पूरी दुनिया की नजरें कोलंबो पर टिकी हैं।
ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमला
बीते बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के गाले शहर से 19 नॉटिकल मील दूर ईरानी युद्धपोत IRIS-Dena पर टारपीडो से जोरदार हमला किया था। इस भीषण हमले में ईरान के 80 से ज्यादा नाविक मारे गए, जबकि श्रीलंका की सेना ने समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 30 से अधिक लोगों को बचा लिया। यह हमला श्रीलंका की समुद्री सीमा के ठीक बाहर हुआ, जिससे इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अमेरिका की कड़ी मांग और दबाव
अमेरिकी विदेश विभाग ने श्रीलंका के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बचाए गए 32 लोगों और दूसरे जहाज बूशहर के क्रू को ईरान नहीं भेजा जाना चाहिए। कोलंबो में अमेरिकी दूतावास की प्रभारी जेन हॉवेल ने कहा है कि ईरान इन लोगों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रोपेगैंडा के लिए कर सकता है। वाशिंगटन चाहता है कि श्रीलंका इन लोगों को अपनी हिरासत में ही रखे ताकि ईरान को इस स्थिति का फायदा उठाने से रोका जा सके।
सम्बंधित ख़बरें
युद्ध की कगार पर पश्चिम एशिया: तेहरान-सिरीक पर अमेरिकी हमला, जवाब में ईरान ने पूरी तरह बंद किया होर्मुज
चीन के गुआंग्शी में भीषण विस्फोट, 7 लोगों की मौत; ब्लास्ट के बाद पूरे इलाके में मची अफरा-तफरी
G-7 में हिस्सा लेने यूरोप जाएंगे PM मोदी; मैक्रों संग होगी बड़ी बैठक, पहली बार स्लोवाकिया की करेंगे यात्रा
‘हमारा इलाका छोड़ दो वरना…’, ईरानी विदेश मंत्री की अमेरिका को आखिरी चेतावनी; होर्मुज में भारी तबाही
श्रीलंका का मानवीय और कूटनीतिक रुख
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने ईरानी सैनिकों को शरण देने के फैसले को अपनी सरकार की एक बड़ी मानवीय जिम्मेदारी करार दिया है। इसके साथ ही श्रीलंका ने ईरान के एक अन्य जहाज IRIS बूशहर को भी अपने नियंत्रण में लिया है जिसमें 208 क्रू मेंबर्स सवार हैं। हालांकि ईरान ने अपने मृत सैनिकों के शवों को वापस पाने के लिए कोलंबो से संपर्क किया है, लेकिन श्रीलंका अभी इस पर विचार कर रहा है।
भारत और क्षेत्र पर प्रभाव
इस बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि ईरान ने तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर अपने एक अन्य जहाज को भारत के क्षेत्र में सुरक्षित डॉक किया है। तेहरान ने यह अनुरोध उस समय किया था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का संकेत दिया था। इस पूरी स्थिति ने बंगाल की खाड़ी के आसपास एक नया सुरक्षा मोर्चा खोल दिया है जिससे भारत और चीन की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं।
यह भी पढ़ें: ईरान ने अपने टॉप कमांडर को उतारा मौत के घाट, खामेनेई की हत्या में शामिल होने का था शक, मोसाद से भी कनेक्शन
वैश्विक शक्तियों के बीच बढ़ती तनातनी
अमेरिकी दबाव के कारण श्रीलंका की राजनीति में भी बवाल मच गया है और विपक्ष सरकार की चुप्पी पर सवाल उठा रहा है कि क्या सरकार सो रही थी। अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की बात भी उठाई जा रही है क्योंकि हमला श्रीलंका के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन के बेहद करीब हुआ है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंका अमेरिका की शर्तों को मानता है या ईरान के साथ अपने मानवीय संबंधों को प्राथमिकता देता है।
Us presses sri lanka not to return iranian warship crew
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नागपुर में हड़कंप: RSS मुख्यालय और हेडगेवार स्मृति भवन को बम धमकी, 3 घंटे की जांच के बाद नहीं मिला विस्फोटक
Jun 11, 2026 | 08:06 AMराज्यसभा टिकट नहीं मिलने के बाद छगन भुजबल का दर्द छलका, बोले- कुछ लोग बिना संघर्ष के आगे बढ़ गए
Jun 11, 2026 | 08:03 AMढोंगी बाबा अशोक खरात वीडियो मामला: साइबर पुलिस ने ब्लॉक किए 74 टेलीग्राम ग्रुप, विदेशों तक जुड़े हैं तार
Jun 11, 2026 | 07:59 AMप्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तें अटकीं, यवतमाल में लाभार्थियों संग उबाठा का झुनका-भाकर आंदोलन
Jun 11, 2026 | 07:54 AMदतिया: 44 डिग्री तापमान में कांग्रेस का उपवास धरना, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर जताया विरोध
Jun 11, 2026 | 07:47 AMयवतमाल: विदर्भ के विद्यार्थियों को राहत, बॉम्बे HC की नागपुर खंडपीठ का फैसला; स्कूल अब 30 जून से शुरू होंगे
Jun 11, 2026 | 07:44 AMफीफा वर्ल्ड कप 2026 का शंखनाद, शकीरा और बर्ना बॉय की परफॉरमेंस के साथ आज से हर गोल पर झूमेगी दुनिया
Jun 11, 2026 | 07:43 AMवीडियो गैलरी

हर चुनाव में कैसे बाजी मारती है बीजेपी? पंकज चौधरी ने बताया पार्टी की सफलता का राज- VIDEO
Jun 10, 2026 | 11:05 PM
राष्ट्रपति ने तोड़ा प्रोटोकॉल, अधिकारी ने छुए पैर, अयोध्या के लाल की शहादत की कहानी सुन रो पड़ा देश- VIDEO
Jun 10, 2026 | 10:53 PM
Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर सुप्रीम कोर्ट दौड़ी कांग्रेस, क्या मिलेगी राहत?
Jun 10, 2026 | 10:38 PM
बलूचिस्तान से UN तक BLA पर अमेरिका ने क्या दांव खेला? उड़ी पाकिस्तान-चीन की नींद!
Jun 10, 2026 | 08:26 PM
सिर्फ मांस ही क्यों, शराब क्यों नहीं? वाराणसी महापौर के फैसले पर भड़की सपा; BJP के दोहरे चरित्र को घेरा- VIDEO
Jun 09, 2026 | 10:58 PM
TTE ने मांगा टिकट तो लड़की ने तड़ातड़ जड़ दिए थप्पड़, लगाए गंभीर आरोप, वायरल VIDEO देख सोशल मीडिया पर मचा बवाल
Jun 09, 2026 | 09:34 PM














