G-7 में हिस्सा लेने यूरोप जाएंगे PM मोदी; मैक्रों संग होगी बड़ी बैठक, पहली बार स्लोवाकिया की करेंगे यात्रा

PM Modi Europe Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और मैक्रों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
PM Modi to visit Europe for G-7 summit; to hold a major meeting with Macron and visit Slovakia for the first time.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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G-7 Summit PM Modi Europe Visit:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून 2026 तक यूरोप के दौरे पर रहेंगे। इस छह दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री फ्रांस के विभिन्न शहरों का दौरा करेंगे और पहली बार मध्य यूरोपीय देश स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। यह यात्रा भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संबंधों को गहरा करने के उद्देश्य से की जा रही है।

राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता

पीएम मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत 13 जून को फ्रांस के नीस शहर से करेंगे। 14 जून को वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी। दोनों नेता संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जिसमें स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड्स भाग लेंगे। यात्रा के अंतिम चरण में 18 जून को पीएम मोदी पेरिस जाएंगे, जहां वे यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप आयोजन 'विवाटेक' में शिरकत करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित कर सकते हैं.

स्लोवाकिया की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा

14 से 16 जून तक प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगे. 1993 में स्लोवाकिया के एक स्वतंत्र देश बनने के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी. प्रधानमंत्री वहां के पीएम रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे.

ट्रंप के साथ संभावित मुलाकात

यात्रा का एक मुख्य आकर्षण 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाला जी-7 शिखर सम्मेलन है. इस सम्मेलन में पीएम मोदी जी-7 देशों के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नई साझेदारियों, अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित विस्तार जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

यह भी माना जा रहा है कि फरवरी 2025 के बाद पहली बार पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है। जी-7 बैठक के दौरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रह सकता है।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

जी-7 में प्रधानमंत्री की भागीदारी 'ग्लोबल साउथ' की एक सशक्त आवाज के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। 'भारत इनोवेट्स' और 'विवाटेक' जैसे कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति भारत को नवाचार और डिजिटल परिवर्तन के वैश्विक केंद्र के रूप में प्रदर्शित करेगी। यह यात्रा न केवल फ्रांस और स्लोवाकिया बल्कि पूरे यूरोपीय संघ के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को एक नई दिशा देगी।

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