ईरान के खिलाफ ट्रंप ने समुद्र में उतारा तीसरा दानव, 2003 के बाद पहली बार हो रहा ऐसा, USS जॉर्ज बुश रवाना

USS George H.W. Bush in Iran: अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए USS जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश कैरियर को तीसरे युद्धपोत के रूप में मिडिल ईस्ट की ओर तैनात किया है, तनाव बढ़ता जा रहा है।
US Deployed USS George H.W. Bush Carrier
अमेरिका ने ईरान युद्ध में USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश कैरियर को तैनात किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Deployed USS George H.W. Bush Carrier: अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग का आज आठवां दिन है। पिछले सात दिनों में मिसाइल और बम हमलों की गति लगातार तेज रही है। इस बीच सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की रणनीति को सही ढंग से पढ़ पाए हैं। हाल ही में अमेरिका ने तीसरा युद्धपोत USS जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश कैरियर को ईरान की ओर भेजा है।

यह कदम ईरान पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2003 के बाद पहली बार अमेरिकी नौसेना ने एक साथ तीन युद्धपोतों की तैनाती की है। वहीं, ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल उच्च ऊंचाई क्षेत्र रक्षा (THAAD) सिस्टम को नष्ट कर दिया है। अमेरिकी मीडिया की खबरों के मुताबिक, अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती की तैयारी भी कर रही है।

ईरान की अमेरिका-इजरायल को खुली धमकी

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और इजरायल को चुनौती दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप में हिम्मत है तो उन्हें तेल टैंकरों को अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा में इस मार्ग से निकालना होगा। इसके अलावा, ईरान का युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी को तकनीकी खराबी के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी, और 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंचा। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रह रहे हैं।

जल्द हो सकता है सीजफायर

डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल हुई 12-दिन की जंग के दौरान “बिना शर्त सरेंडर” का संदेश दिया था। छह दिन बाद ही इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हुआ था। हाल ही में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के साथ “बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई डील नहीं होगी।” इस पोस्ट के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि कहीं इस जंग का अंत भी छह दिन के अंदर ही नहीं हो जाएगा, या यह एक संभावित सीजफायर का संकेत है।

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