ईरान ने अपने टॉप कमांडर को उतारा मौत के घाट, खामेनेई की हत्या में शामिल होने का था शक, मोसाद से भी कनेक्शन

Israel-Iran War: ईरान के जनरल इस्माइल कानी को मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में मारने की खबरें हैं। कानी, कुद्स फोर्स के प्रमुख थे, खामेनेई को धोखा देने का शक है।
Iran Quds Force Chief Executed
इस्माइल कानी को फांसी की सजा दिए जाने का दावा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Quds Force Chief Executed: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी की मौत की खबरें आ रही हैं। कानी पर इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप है। अरब मीडिया के हवाले से रिपोर्टों के अनुसार, कानी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को धोखा दिया था। 

कानी ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख थे, जो विदेशों में ईरान की प्रॉक्सी सेनाओं को प्रशिक्षण देने और अन्य गतिविधियों के लिए कुख्यात है, लेकिन उनपर लंबे समय से मोसाद के साथ संबंध रखने का आरोप है। हालांकि, ईरान सरकार ने अब तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इजरायली हमले में बच गए थे कानी

कानी पर संदेह तब गहरा हुआ जब वह पिछले सप्ताह एक हमले में बच गए थे, जिसमें खामेनेई की हत्या की कोशिश की गई थी। कानी पहले भी कई बार जिंदगी बचाने में सफल रहे हैं, जो उनकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर संदेह को और मजबूत करता है। UAE के "द नेशनल" मीडिया ने बिना किसी पुष्टि के बताया कि कानी को मोसाद से जुड़ा होने के संदेह में मार दिया गया।

हमले से पहले निकल गए थे कानी

हाल ही में, जब अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एक हमले में मारे गए, कानी का वहां से गायब होना और हमले से कुछ मिनट पहले कानी का वहां से निकल जाना इस बात को दर्शाता है कि वह जासूसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। कानी को 2020 में कुद्स फोर्स का कमांडर बनाया गया था, जब अमेरिकी ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी।

पहले भी हो चुके हैं गायब

इजरायल और अमेरिका के साथ युद्ध की शुरुआत के बाद कानी का कोई ठोस पता नहीं चल रहा था। उनके गायब होने की खबरें पहले भी आई थीं, लेकिन वह हर बार किसी न किसी तरीके से सार्वजनिक जीवन में लौट आए थे। सबसे बड़ी अफवाह सितंबर 2024 में बेरुत में इजरायल के हमले के दौरान सामने आई थी, जिसमें कानी की मौत की खबरें आई थीं, लेकिन कुछ दिन बाद वह फिर से सामने आ गए थे। इसके एक सप्ताह पहले, कानी ने एक और हमले से बचने में सफलता पाई थी, जिसमें हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह को निशाना बनाया गया था।

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