ढोंगी बाबा अशोक खरात वीडियो मामला: साइबर पुलिस ने ब्लॉक किए 74 टेलीग्राम ग्रुप, विदेशों तक जुड़े हैं तार

Ashok Kharat News and Update: ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने अश्लील वीडियो प्रसारित करने वाले 74 टेलीग्राम ग्रुप ब्लॉक किए हैं। यह नेटवर्क देश-विदेश में फैला हुआ था।
ढोंगी बाबा अशोक खरात वीडियो मामले में साइबर पुलिस ने 74 टेलीग्राम ग्रुप ब्लॉक किए। आरोपी अंकशास्त्र की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण कर 20 में वीडियो बेचता था।
ढोंगी बाबा अशोक खरात (फोटो- सोशल मीडिया)
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Nashik Ashok Kharat Dhongi Baba Cyber Police: अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण करने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात से जुड़े वीडियो मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अब तक 74 ऐसे टेलीग्राम ग्रुप और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है, जो इन अश्लील वीडियो को बेचने और प्रसारित करने में संलिप्त थे। जांच में सामने आया है कि इस घृणित कारोबार के तार न केवल भारत, बल्कि विदेशों तक फैले हुए हैं।

आरोपी के केबिन के अश्लील वीडियो को टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर महज 20 रुपये में बेचा जा रहा था। अब तक 406 आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाई जा चुकी हैं। इन वीडियो का प्रसार महाराष्ट्र और भारत के 21 राज्यों के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, फिलीपींस और नाइजीरिया तक पहुंच चुका है।

ढोंगी बाबा अशोक खरात का काला चिट्ठा

नासिक पुलिस ने 11 सोशल मीडिया मध्यस्थों को नोटिस जारी किए हैं और एक संदिग्ध की पहचान कर ली गई है, अशोक खरात खुद को सिद्धपुरुष और अंकशास्त्री बताकर महिलाओं को झांसे में लेता था। वह महिलाओं को दैवीय शक्तियों का डर दिखाता और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल कर उनका यौन शोषण करता था। पुलिस ने उसके कार्यालय और फार्म हाउस पर छापेमारी कर 100 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद किए थे।

खरात पर यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और 'महाराष्ट्र नरबलि और जादू-टोना विरोधी अधिनियम के तहत 5 गंभीर मामले दर्ज है। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है।

पुलिस की अपील

साइबर पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि ऐसे आपत्तिजनक वीडियो को डाउनलोड, खरीदना या फॉरवर्ड करना भी एक अपराध है। यदि किसी को ऐसी कोई लिंक या ग्रुप मिले, तो तुरंत संबंधित साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

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