बाइडेन पर भारी पड़े डोनाल्ड ट्रंप, इस देश पर बरसाए सबसे ज्यादा बम; रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
Trump Airstrike Report: डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटते ही अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारी उछाल आया है। एक साल में 658 हवाई हमले कर अमेरिका ने जो बाइडेन के चार साल के रिकॉर्ड को चुनौती दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप, कॉन्सेप्ट फोटो
Trump Joe Biden Military Policy: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद दुनिया भर में वाशिंगटन की सैन्य नीति बेहद आक्रामक हो गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका अब औसतन हर दिन दो हवाई हमले कर रहा है, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है और बाइडन काल के मुकाबले हमलों की रफ्तार कई गुना बढ़ गई है।
ट्रंप सरकार की आक्रामक सैन्य नीति
एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद से अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। गैर-लाभकारी संस्था ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ (ACLED) के आंकड़ों से पता चलता है कि 20 जनवरी 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच अमेरिका ने कुल 573 एकतरफा हवाई और ड्रोन हमले किए हैं।
यदि इसमें सहयोगी देशों के साथ मिलकर किए गए ऑपरेशनों (जैसे सीरिया और इराक में ISIS के खिलाफ कार्रवाई) को भी जोड़ दिया जाए, तो ट्रंप सरकार के पहले साल में ही हमलों की कुल संख्या 658 तक पहुंच गई है।
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क्या कहते हैं आंकड़े?
रिपोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल की सीधी तुलना करते हुए अमेरिकी रणनीति में आए बड़े बदलाव को दर्शाय गया है। आंकड़ों के मुताबिक, जो बाइडेन के पूरे चार साल के कार्यकाल में अमेरिका ने कुल 494 एकतरफा सैन्य हमले किए थे, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने महज पहले साल में ही 573 ऐसे हमले करा दिए।
इसी तरह, बाइडेन के चार वर्षों में जहां 1,648 विदेशी सैन्य गतिविधियां दर्ज की गईं, वहीं ट्रंप के पहले साल में ही 1,008 सैन्य घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इतना ही नहीं, ट्रंप प्रशासन के शुरुआती एक साल में हुए हमलों में अब तक 1,093 लोगों की मौत हो चुकी है, जो बाइडेन के चार साल के कार्यकाल में हुई कुल 1,518 मौतों के आंकड़े के बेहद करीब है।
यमन बना हमलों का मुख्य केंद्र
आंकड़ों के मुताबिक, ट्रंप सरकार के दौरान हुए 80 प्रतिशत से अधिक हमले यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ किए गए हैं। खासतौर पर यमन की राजधानी सना पर 538 बम गिराए गए, जो किसी भी एक शहर के लिए सबसे बड़ा आंकड़ा है। ट्रंप के दौर में रेड सी संकट का सैन्य जवाब बाइडन के मुकाबले कहीं ज्यादा सख्त और व्यापक नजर आ रहा है। अकेले यमन में ही अमेरिकी हमलों में 530 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का अनुमान है।
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ड्रग तस्करों पर भी सख्त कार्रवाई
अमेरिका की यह आक्रामक नीति केवल युद्ध क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के आदेश पर कैरेबियन सागर और ईस्टर्न पैसिफिक के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की गई है। यहां अमेरिकी सेना ने 110 से ज्यादा कथित ड्रग तस्करों को मार गिराने की पुष्टि की है। वर्तमान में अमेरिका के ये हमले एशिया, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका जैसे तीन बड़े महाद्वीपों में फैले हुए हैं।
