अमेरिका खरीदेगा $100 मिलियन के बंकर बस्टर बम: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बोइंग से होगी बड़ी डील

US Boeing Deal: अमेरिका ईरान से बढ़ते तनाव के बीच बोइंग के साथ 100 मिलियन डॉलर की डील कर रहा है। इसके तहत वह अपने सबसे घातक गैर-परमाणु 'बंकर बस्टर' बम GBU-57 के जखीरे को फिर से भरेगा।
US to Purchase $100 Million Bunker Busters: Major Boeing Deal Amid Rising Iran Tensions and Threats
ईरान से तनाव के बीच अमेरिका खरीदेगा $100 मिलियन के बंकर बस्टर बम (सोर्स-सोशल मीडिया)
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US Air Force GBU-57 Bomb Deal: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक बहुत ही बड़ा और सैन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमेरिकी वायुसेना अपने सबसे भारी और ताकतवर बंकर बस्टर बम GBU-57 MOP को फिर से खरीदने के लिए तैयार है। इसके लिए बोइंग के साथ करीब 100 मिलियन डॉलर की एक बड़ी डिफेंस डील को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह अमेरिकी वायु सेना GBU-57 बम सौदा अमेरिका की भविष्य की युद्ध संबंधी तैयारियों और सुरक्षा रणनीतियों को दर्शाता है।

बोइंग के साथ बड़ी डील

अमेरिकी वायुसेना ने बोइंग कंपनी के साथ 100 मिलियन डॉलर की इस सिंगल सोर्स डील को करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का मानना है कि अगर किसी दूसरी कंपनी को यह ठेका दिया जाता है तो उत्पादन में काफी देरी होगी। यह बम केवल बोइंग द्वारा ही बनाया जाता है इसलिए वायुसेना इसे सीधे उसी कंपनी से खरीद रही है।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का सच

पिछले साल 22 जून 2025 को अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर एक बड़ा हमला किया था जिसे ऑपरेशन मिडनाइट हैमर कहा गया। इजरायल और ईरान के बीच चले 12 दिनों के भीषण युद्ध के बाद अमेरिका ने यह सख्त सैन्य कार्रवाई की थी। इस मिशन के दौरान ही अमेरिका ने अपने सबसे घातक 14 MOP बमों का पहली बार युद्ध में इस्तेमाल किया था।

बी-2 स्पिरिट का इस्तेमाल

इस ऐतिहासिक मिशन में सात बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक विमानों का बहुत ही कुशलता के साथ इस्तेमाल किया गया था। प्रत्येक विमान ने ईरान के फोर्दो और नतांज स्थित परमाणु ठिकानों पर दो-दो शक्तिशाली बम गिराकर उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया था। इस हमले के बाद अमेरिका के पास इन बमों के स्टॉक में काफी कमी आ गई थी जिसे अब भरा जा रहा है।

बम की विनाशकारी ताकत

GBU-57 बम का वजन लगभग 30,000 पाउंड यानी करीब 13,600 किलोग्राम होता है जो इसे दुनिया का सबसे भारी बम बनाता है। इसमें 5,740 पाउंड का वारहेड लगा होता है जो बहुत ही मजबूत कंक्रीट को 200 फीट की गहराई तक भेद सकता है। इसे विशेष रूप से जमीन के नीचे छिपे कमांड सेंटर और परमाणु सुविधाओं को तबाह करने के लिए बनाया गया है।

स्टॉक को फिर से भरना

अमेरिकी वायुसेना के आधिकारिक दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि युद्ध में इस्तेमाल हुए बमों की भरपाई करना अनिवार्य है। साल 2015 तक अमेरिका के पास केवल 20 ऐसे बम थे जिनका उत्पादन बाद में भी निरंतर जारी रखा गया था। अब नए बमों की डिलीवरी जनवरी 2028 से शुरू होने की संभावना है जिससे सेना की मारक क्षमता काफी बढ़ेगी।

नेक्स्ट जेनरेशन बम की तैयारी

वर्तमान में अमेरिका नए जमाने के बंकर बस्टर विकसित करने पर काम कर रहा है जिसे नेक्स्ट जेनरेशन पेनिट्रेटर (NGP) कहा जाता है। यह नया बम आने वाले समय में बी-21 रेडर जैसे आधुनिक स्टेल्थ बमवर्षकों के साथ आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल MOP बमों की यह नई खरीद एक अस्थायी लेकिन बहुत ही जरूरी सैन्य इंतजाम मानी जा रही है।

ट्रंप की सीधी चेतावनी

यह बड़ी खरीद ऐसे समय में हो रही है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बहुत ही सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि परमाणु बातचीत जारी रहनी चाहिए लेकिन अगर कोई समझौता नहीं होता है तो सैन्य कार्रवाई निश्चित है। अमेरिका अब ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को किसी भी कीमत पर रोकने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आता है।

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