ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर पहुंचे चीन; ट्रंप की धमकियों के बीच ड्रैगन से दोस्ती, जानें क्या है पूरा प्लान
Keir Starmer China Visit: ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर 2018 के बाद पहले दौरे पर बीजिंग पहुंचे हैं। गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने और अमेरिका की नीतियों के बीच वे चीन के साथ संबंधों को सुधारना चाहते हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
UK-China Relations: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बुधवार, 28 जनवरी 2026 को बीजिंग पहुंचे जहां उनका मुख्य उद्देश्य चीन के साथ लंबे समय से खराब चल रहे संबंधों को बहाल करना है। यह 2018 के बाद किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा है।
इस दौरे को ‘व्यावहारिक’ साझेदारी की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। स्टार्मर गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ दोपहर के भोजन पर मुलाकात करेंगे और उसके बाद प्रीमियर ली कियांग से भी मिलेंगे।
ट्रंप का खौफ और यूरोप का चीन की ओर झुकाव
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने वाशिंगटन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को हिला कर रख दिया है। ट्रंप द्वारा व्यापारिक शुल्कों की धमकियों और वैश्विक संस्थानों के प्रति उनके अस्थिर व्यवहार के कारण कई पश्चिमी नेता अब बीजिंग की ओर रुख कर रहे हैं।
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UK PM Starmer arrives in China. pic.twitter.com/sP2bUfSx2a — Open Source Intel (@Osint613) January 28, 2026
कीर स्टार्मर से पहले कनाडा के पीएम मार्क कार्नी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भी बीजिंग का दौरा कर चुके हैं। स्टार्मर ने विमान में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चीन के मामले में ‘मुंह छिपाकर रेत में बैठना’ कोई समझदारी नहीं है और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किए बिना चीन के साथ जुड़ना ब्रिटेन के हित में है।
अर्थव्यवस्था को बचाने की कवायद
ब्रिटेन में कीर स्टार्मर वर्तमान में लोकप्रियता की रिकॉर्ड गिरावट का सामना कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि इस दौरे के माध्यम से ब्रिटेन की संघर्ष करती अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए। इसी उद्देश्य से उनके साथ वित्त, फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों के लगभग 60 व्यापारिक नेता और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भी चीन पहुंचे हैं। डाउनिंग स्ट्रीट का मानना है कि यह दौरा व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने का एक सुनहरा अवसर है।
सुरक्षा और मानवाधिकार के पेचीदा मुद्दे
हालांकि स्टार्मर व्यापार की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों जैसे कांटेदार मुद्दे भी हैं। 2020 में हांगकांग पर चीन द्वारा लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद दोनों देशों के रिश्ते रसातल में चले गए थे।
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हाल ही में ‘द टेलीग्राफ’ ने खबर दी थी कि चीन ने डाउनिंग स्ट्रीट के वरिष्ठ अधिकारियों के फोन हैक किए हैं हालांकि स्टार्मर ने इसके सबूत न होने की बात कहकर इसे नकारा है। स्टार्मर इस दौरान हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक और ब्रिटिश नागरिक जिमी लाई की रिहाई का मुद्दा भी उठा सकते हैं, जिन्हें दिसंबर में दोषी पाया गया था। चीन के बाद स्टार्मर शंघाई और फिर जापान का दौरा करेंगे।
