होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने NATO को चेताया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Strait Of Hormuz Strategy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अमेरिका का साथ नहीं देते तो इस सैन्य गठबंधन का भविष्य बहुत बुरा हो सकता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष महज एक बहाना है। असल में, ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट‘ नीति को आगे बढ़ाते हुए NATO को कमजोर करना या तोड़ना चाहते हैं ताकि यूरोप को अमेरिकी नियंत्रण में लाया जा सके। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि चूंकि अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध में यूरोप की मदद की है इसलिए अब यूरोप का कर्तव्य है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दे।
ट्रंप लंबे समय से NATO की आलोचना करते रहे हैं। उनका तर्क है कि यूरोपीय देश अमेरिकी सुरक्षा छतरी का लाभ तो उठाते हैं लेकिन अपने रक्षा खर्च में आवश्यक योगदान नहीं देते। उन्होंने पहले भी ग्रीनलैंड के मुद्दे पर आठ NATO सदस्य देशों पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ट्रंप का मानना है कि NATO जैसे अंतरराष्ट्रीय गठबंधन उनके स्वतंत्र विजन में बाधा हैं।
ट्रंप की इस धमकी ने यूरोपीय देशों के बीच दरार पैदा कर दी है। फ्रांस, जर्मनी और इटली ने पहले ही ईरान पर हमलों की निंदा की है और बातचीत की वकालत की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तो यहां तक कहा है कि यूरोप को अपनी ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ विकसित करनी चाहिए और अमेरिका पर निर्भरता कम करनी होगी। दूसरी ओर, ब्रिटेन ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी है।
ट्रंप ने केवल यूरोप ही नहीं, बल्कि चीन पर भी होर्मुज खोलने में मदद करने का दबाव डाला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चीन सहयोग नहीं करता है तो वह अपनी बीजिंग यात्रा रद्द कर सकते हैं। गौरतलब है कि चीन अपनी तेल जरूरतों का 90% हिस्सा इसी जलमार्ग से पूरा करता है।
यह भी पढ़ें:- ‘मुझे कॉफी पसंद है…’, अफवाहों के बीच सामने आया नेतन्याहू का नया VIDEO, पहाड़ियों में मुस्कुराते दिखे PM
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका वर्तमान में तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर है और उसे होर्मुज की सबसे कम जरूरत है, जबकि एशियाई देशों (चीन, भारत, जापान) की निर्भरता सबसे अधिक है। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि यूरोपीय देश इस मार्ग को खुलवाने के लिए सीधे युद्ध में शामिल हों। ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रंप की असली रणनीति गठबंधन के अंदर मतभेद पैदा करने की हो सकती है।