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मिसाइल-ड्रोन के बाद अब ईरान में घुसकर मारेंगे ट्रंप! US-इजरायल के ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ की आहट से कांपा मिडिल-ईस्ट
Middle-East Tension: अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ अब तक सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन नई रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका अब जमीनी हमले की योजना भी बना रहा है।
- Written By: अभिषेक सिंह

सांकेतिक तस्वीर (डिजाइन)
US, Israel-Iran War: अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ अब तक सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन नई रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका अब जमीनी हमले की योजना भी बना रहा है। यह ग्राउंड ऑपरेशन बहुत सीमित स्तर पर अंजाम दिया जाएगा। सूत्रों का दावा है कि वाशिंगटन में इस संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर उच्च स्तरीय चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की धरती पर सीमित संख्या में अपने सैनिकों को भेजने में काफी दिलचस्पी दिखाई है। एनबीसी न्यूज ने सूत्रों के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि इस जमीनी सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान के महत्वपूर्ण परमाणु ठिकानों पर पूरी तरह से कब्जा करना है, ताकि वहां मौजूद संवेदनशील सामग्री को सुरक्षित किया जा सके।
ईरान पर जमीनी हमला करेंगे ट्रंप!
रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के बाहर राष्ट्रपति ट्रंप के खास सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के बीच इस मुद्दे पर अहम बातचीत हुई है। इस चर्चा में किसी बड़े और व्यापक हमले के बजाय सैनिकों की एक छोटी टुकड़ी भेजने पर ज्यादा जोर दिया गया। इसके तहत एक विशेष रणनीति बनाकर बहुत ही सीमित संख्या में जवानों को लक्ष्य तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
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स्पेशल कमांडो भेजेंगे US-इजरायल
एक्सिओस की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल युद्ध के अंतिम चरण में ईरान के भीतर अपने विशेष कमांडो भेजने पर विचार कर रहे हैं। इसका मकसद यूरेनियम के बड़े भंडार को सुरक्षित करना है। इस खतरनाक ऑपरेशन के दौरान सैन्य बलों को ईरान की उन बेहद सुरक्षित और मजबूत अंडरग्राउंड इमारतों में घुसना पड़ेगा, जहां इस संवेदनशील यूरेनियम को छिपाकर रखा गया है।
ईरान के पास भारी यूरेनियम भंडार
अमेरिकी प्रशासन के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता ईरान के पास मौजूद अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का विशाल भंडार है। अनुमान के मुताबिक, इस यूरेनियम का वजन करीब साढ़े चार सौ किलोग्राम है और इसकी शुद्धता साठ प्रतिशत तक है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसे थोड़ा और शुद्ध किया गया, तो महज कुछ ही हफ्तों में यह घातक परमाणु हथियार बनाने लायक बन जाएगा।
मार्को रूबियो ने दिए साफ संकेत
अमेरिकी कांग्रेस में हुई एक ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्री मार्को रुबियो से जब इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने भी जमीनी कार्रवाई के साफ संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इसे हासिल करने के लिए जवानों को खुद वहां जाना पड़ेगा। हालांकि, रुबियो ने यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं किया कि इस बेहद संवेदनशील सैन्य मिशन को किस देश की सेना द्वारा अंजाम दिया जाएगा।
यूरेनियम भंडार को बर्बाद करेगा US!
रिपोर्ट्स बताती हैं कि ट्रंप प्रशासन फिलहाल दो मुख्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पहला विकल्प ईरान से सारा यूरेनियम बाहर निकालना है, जबकि दूसरा विकल्प परमाणु विशेषज्ञों को वहीं भेजकर उसे खत्म करना है। इस मिशन को पूरा करने के लिए उच्च स्तर के प्रशिक्षित सैन्य कमांडो के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुभवी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम भी शामिल होगी।
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इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के वैज्ञानिकों की मदद ली जा सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जमीनी हमले से इनकार नहीं किया है, लेकिन सेना की बड़ी तैनाती से परहेज किया है। एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ किया कि जमीनी सैनिकों का उपयोग केवल बहुत बड़े और अहम लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ही किया जाएगा।
Trump signals possible ground strike inside iran after missile and drone escalation
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