

Oil Tanker Explosion in Strait of Hormuz: रविवार को ईरानी मीडिया ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग (Sea Mine) से टकराने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, जहाज कथित तौर पर ईरान द्वारा निर्धारित शिपिंग रूट से हट गया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टैंकर ने निर्धारित समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया और इसी दौरान वह बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया। हालांकि, अभी तक जहाज के मालिक, उसके गंतव्य, चालक दल की स्थिति या नुकसान की वास्तविक सीमा को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
यह घटना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस तरह की किसी भी घटना का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है। फिलहाल इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
इस बीच ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमीनिया ने कहा कि पिछले दो दिनों से अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर कोई हमला नहीं किया गया है। ऐसे में ईरान ने भी अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की रणनीति हमेशा जवाबी कार्रवाई की रही है। जब अमेरिका ने हमले बंद किए, तो ईरान ने भी अपने सैन्य अभियान रोक दिए।
ईरान के इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर कूटनीतिक बातचीत शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, दोनों देशों की सेनाएं अभी भी पूरी तरह सतर्क हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान पर रोक लगा रखी है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई फिलहाल होल्ड पर है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में चेतावनी दे चुके हैं कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका पहले से कहीं अधिक बड़े स्तर पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।
वहीं, द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे की सैन्य कार्रवाई टालने की एक वजह अमेरिकी रक्षा प्रणाली, विशेष रूप से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के सीमित भंडार को भी माना जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि व्हाइट हाउस किसी बड़े युद्ध के आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों का भी आकलन कर रहा है।
हालांकि फिलहाल हालात कुछ शांत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका दोबारा उसके ठिकानों पर हमले शुरू करता है, तो वह भी अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करेगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।