अभिजीत दीपके का अगला टार्गेट लॉक! महाराष्ट्र के बड़े नेता होंगे अगली विकेट? एथनॉल विवाद ने बढ़ाईं फ्लाईओवर मैन

NEET विवाद के बाद क्या CJP के अभिजीत दीपके का अगला टार्गेट नितिन गडकरी होने की चर्चा तेज है। माइलेज और इंजन खराब होने के दावों ने फ्लाईओवर मैन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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नितिन गडकरी और अभिजीत दीपके की सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
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Abhijit Dipke Targets Nitin Gadkari: NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केवल पहली विकेट करार दिया था। अब राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि दीपके की अगली विकेट कौन होगा? इस रेस में वर्तमान में सबसे ऊपर नाम आ रहा है भाजपा के कद्दावर नेता और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का।

नितिन गडकरी की छवि पिछले वर्ष तक एक ऐसे विकास पुरुष की थी, जिनकी तारीफ विपक्षी नेता भी करते नहीं थकते थे। देश भर में फ्लाईओवरों और सड़कों का जाल बिछाने के लिए मशहूर गडकरी, RSS के गढ़ नागपुर से आते हैं और सरसंघचालक मोहन भागवत के भी बेहद करीबी माने जाते हैं। लेकिन बीते कुछ समय से पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाने की उनकी नीति ने उन्हें जनता के निशाने पर ला खड़ा किया है।

क्यों नाराज है जनता?

जनता की नाराजगी का मुख्य कारण गाड़ियों को होने वाला नुकसान और गिरता माइलेज है। नागरिको का आरोप है कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण पुरानी गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं। ARAI की एक रिपोर्ट के अनुसार, E20 ईंधन पुराने वाहनों के रबर के हिस्सों को खराब कर सकता है और इससे ईंधन की खपत 2% से 6% तक बढ़ सकती है। कुछ सर्वे तो यहां तक दावा करते हैं कि माइलेज में 10% से अधिक की गिरावट आई है।

अभिजीत दीपके ने इसे सरकार की निंजा टेक्निक कहा है, जिसमें पेट्रोल में सस्ता एथनॉल मिलाया जा रहा है, लेकिन पेट्रोल की कीमतें कम नहीं की जा रही हैं। दीपके के अनुसार, उनके पिता की गाड़ी के इंजन में भी एथनॉल के कारण खराबी आई, जिसका खर्च ₹40,000 आया।

मुनाफे का गणित और हितों का टकराव

गडकरी पर सबसे गंभीर आरोप हितों के टकराव का लग रहा है। चूंकि गडकरी खुद शुगर मिल्स और एथनॉल उत्पादन से जुड़े रहे हैं, इसलिए आलोचकों का कहना है कि लोगों की गाड़ियां खराब कर वे अपनी फैक्ट्रियों के लिए मुनाफा कमा रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी इसे एथनॉल घोटाला बताते हुए गडकरी के इस्तीफे की मांग की है।

सोशल मीडिया पर टार्गेट गडकरी

सोशल मीडिया पर गडकरी के खिलाफ मीम्स और रील्स की बाढ़ आ गई है। E20 जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। जेन-जी की एक ही मांग, गडकरी इस्तीफा दो जैसे स्लोगन वायरल हो रहे हैं। हालांकि, गडकरी ने इन आरोपों को भ्रामक जानकारी बताया है और कहा है कि सरकार को इंजन खराब होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। लेकिन जिस तरह से CJP ने धर्मेंद्र प्रधान को कुर्सी छोड़ने पर मजबूर किया, उसे देखते हुए अब सबकी नजरें गडकरी पर टिकी हैं। क्या अभिजीत दीपके की यह अगली विकेट गिरेगी या गडकरी इस बाउंसर को झेल जाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

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