

Heavy Rain Alert In Uttar Pradesh: देर से आमद के बाद अब उत्तर प्रदेश में मानसून कहर बरपाने लगा है। बीते दो दिनों से प्रदेश के सभी 75 जिलों में मध्यम से लेकर भारी बारिश हो रही है और नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
बारिश का सबसे ज्यादा कहर तराई के जिलों मे देखने को मिल रहा है जहां सीतापुर में बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराजों में जलाशयों के भर जाने के बाद पानी छोड़ा गया है और शारदा व घाघरा नदियां उफान पर बह रही हैं। बस्ती में सरयू, बलरामपुर में राप्ती, तो कुशीनगर में गंडक में आयी बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया है।
प्रदेश में चार नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से उपर चला गया है। बदायूं में गंगा, अयोध्या, बहराइच व बलिया में घाघरा, कुशीनगर में गंडक तो बागपत व नोयडा में हिंडन खतरे के निशान से उपर बह रही हैं। बलिया में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय सरयू नदी की बाढ़ में पूरी तरह से बह गया है वहीं लखीमपुर में गांव में मगरमच्छ दौड़ता नजर आया है।
बलिया में ही दोहरीघाट में नहर का तटबंध टूटन से हजारों बीघे धान की फसल बर्बाद हो गयी है। रविवार को दिन भर हुयी बारिश के चलते इसी महीने यातायात के लिए खोला गया नया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क धंस गयी।
मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का एलर्ट जारी किया है और कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जतायी जा रही है। विभाग का कहना है कि मैदानों के साथ ही पहाड़ों पर भी जोरदार बारिश हो रही है जिसके चलते प्रदेश की ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। हालांकि जून में बने सूखे की हालात के चलते अभी भी उत्तर प्रदेश में सामान्य के मुकाबले कम ही बारिश हुयी है। मौसम विभाग का कहना है कि जून से अब तक प्रदेश में 243.4 मिलीमीटर पानी बरसा है जबकि सामान्य स्तर 322.9 मिलीमीटर का है। इस तरह से अभी भी सामान्य से 25 फीसदी कम ही बारिश दर्ज हुयी है।
गौरतलब है कि इस बार उत्तर प्रदेश में मानसून 15 दिन की देरी के साथ 29 जून को पहुंचा और जुलाई के पहले हफ्ते में काफी जिलों में बारिश नाममात्र की हुयी है। बीते 15 दिनों से मानसून ने रफ्तार पकड़ी है और अब ये प्रदेश के सभी जिलों में कहर ढाने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से यूपी के पूर्वी व पश्चिमी दोनो सिरों पर बढ़िया बारिश के आसार बन गए हैं।