खामेनेई का काम तमाम करके ही मानेंगे ट्रंप! ईरान से तनाव के बीच भेजा एक और जंगी बेड़ा, बोले- डील कर ले तो...

US-Iran Tension: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा; ट्रंप ने नए अमेरिकी जंगी बेड़े का संकेत दिया, रिपब्लिकन समर्थन मिला, खामेनेई के बंकर जाने की खबरें, विरोध प्रदर्शनों में हजारों मौतों के दावे।
Another Armada Floating Towards Iran
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Another Armada Floating Towards Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पहले ही ईरान के नजदीक तैनात है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहकर हलचल मचा दी है कि एक और अमेरिकी जंगी बेड़ा तेहरान की ओर बढ़ रहा है।

ट्रंप ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि, “एक और खूबसूरत आर्मडा इस समय ईरान की ओर बढ़ रहा है। मुझे उम्मीद है कि वे समझौता करेंगे।”

ट्रंप के बयान को क्यों मिल रहा बढ़ाव? 

राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का खुला समर्थन मिला है। इसके चलते लोग इसे ट्रपं के दूसरे बयानों से विपरीत गंभीर मान रहे है। लिंडसे ग्राहम  ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, शानदार। ईरान में प्रदर्शनकारियों का समर्थन जारी रखें। वे हमारे दोस्त हो सकते हैं, लेकिन अयातुल्ला कभी हमारे दोस्त नहीं होंगे।”

हमले के डर से बंकर पीछे खामेनेई

अमेरिका के संभावित सैन्य हमले की आशंका के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के तेहरान में एक अंडरग्राउंड बंकर में चले जाने की खबर है। ईरान इंटरनेशनल के सूत्रों के मुताबिक, उनके तीसरे बेटे मसूद खामेनेई ने फिलहाल उनके कार्यालय के रोजमर्रा के कामकाज की जिम्मेदारी संभाल ली है।

ईरान में पिछले दिनों हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मरने वालों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, अब तक कम से कम 6,159 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, ईरान सरकार ने मृतकों की संख्या 3,117 बताई है।

ईरान में क्यों हुए थे विरोध प्रदर्शन?

गौरतलब है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन पिछले साल 28 दिसंबर के आसपास शुरू हुए थे, जब देश की मुद्रा रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई थी। जनवरी के पहले हफ्ते में ये प्रदर्शन और तेज हो गए। इसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की, जिसमें हजारों लोगों की जान जाने की बात कही जा रही है।

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