पुतिन के आवास पर हमले के दावे से पलटे ट्रंप, (डिजाइन फोटो)
Russia Ukraine War News Hindi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने रुख से सबको चौंका दिया है। रूस द्वारा पिछले हफ्ते किए गए उस दावे को ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर ड्रोन हमला किया था। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन लौटते समय पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई हमला हुआ था।
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने इस मामले की गहन जांच की है। इस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यूक्रेन ने पिछले हफ्ते रूसी राष्ट्रपति के किसी भी आवास को टार्गेट नहीं किया था। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआत में ट्रंप का रुख इसके बिल्कुल विपरीत था। पिछले सोमवार को पुतिन से फोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि वे इस हमले की खबर से ‘बहुत नाराज’ हैं और उन्होंने इस पर दुख भी प्रकट किया था।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दावा किया था कि यूक्रेन ने उत्तर-पश्चिमी नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित पुतिन के आवास पर कई ड्रोन हमले किए, जिन्हें रूसी डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। रूस ने यह आरोप ठीक उस समय लगाया था जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ट्रंप के ’20 पॉइंट शांति प्लान’ पर चर्चा करने के लिए फ्लोरिडा पहुंचे थे। लावरोव का कहना था कि यूक्रेन शांति वार्ता के बीच ऐसे हमले कर के माहौल बिगाड़ रहा है, हालांकि जेलेंस्की ने इन आरोपों को तुरंत निराधार बता दिया था।
ट्रंप का यह यू-टर्न उनके सोशल मीडिया पोस्ट से ही दिखने लगा था, जब उन्होंने ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ के एक लेख को साझा किया था। उस लेख में पुतिन की आलोचना करते हुए कहा गया था कि जब दोनों पक्ष समझौते के करीब हैं, तब पुतिन ‘झूठ, नफरत और मौत’ का रास्ता चुन रहे हैं। यूरोपीय अधिकारियों ने भी दलील दी है कि रूस का यह दावा केवल शांति प्रयासों को कमजोर करने की एक चाल मात्र है।
यह भी पढ़ें:- अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के घर पर हमला, कई खिड़कियां टूटीं, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को एक दिन में खत्म कर देंगे। लेकिन वास्तविकता में अब तक युद्ध समाप्ति के कोई ठोस आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस देरी और दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण ट्रंप अब जेलेंस्की और पुतिन, दोनों के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि वे अब रूसी दावों पर भरोसा करने के बजाय अपनी इंटेलिजेंस रिपोर्ट को प्राथमिकता दे रहे हैं।