सांकेतिक तस्वीर
Earthquake Struck Nepal Koshi: नेपाल के कोशी प्रांत में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 रही और यह सुबह 7:31 बजे आया। इसका केंद्र संखुवासभा जिले के रिताक क्षेत्र में था, जो नेपाल की राजधानी काठमांडू से 475 किलोमीटर पूर्व में स्थित है।
भूकंप के बाद इलाके में दहशत फैल गई और स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर आ गए। भूकंप के झटके नेपाल के पड़ोसी जिलों ताप्लेजुंग और भोजपुर में भी महसूस किए गए। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में किसी भी तरह का बड़ा नुकसान या जान-माल की हानि नहीं हुई।
नेपाल में लगातार भूकंपों का आना कोई नई बात नहीं है। यह देश दुनिया के सबसे भूकंप-प्रवण देशों में से एक है और 11वें स्थान पर है। नेपाल हिमालय क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों से अक्सर भूकंप आते हैं। भारतीय और यूरेशियन प्लेटों का आपस में टकराव इस क्षेत्र में भूकंपों का प्रमुख कारण है। हालांकि, आम तौर पर नेपाल में आने वाले भूकंपों की तीव्रता ज्यादा नहीं होती, जिससे बड़े नुकसान का खतरा कम रहता है। लेकिन इसके बावजूद, भूकंप के झटकों के बाद स्थानीय लोग सतर्क रहते हैं और राहत कार्यों में तत्पर रहते हैं।
यह घटना 11 जनवरी को लमजुंग जिले में हुए भूकंप के ठीक बाद आई है, जब बन्सर क्षेत्र में 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था। नेपाल में भूकंपों का इतिहास काफी पुराना है, जिसमें 2015 में आए बड़े भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। उस भूकंप में हजारों लोग अपनी जान गंवा बैठे थे, और व्यापक नुकसान हुआ था। इसके बाद से नेपाल में भूकंप के प्रति जागरूकता बढ़ी है और स्थानीय लोग हमेशा किसी भी अप्रत्याशित घटनाओं के लिए तैयार रहते हैं।
इस बार, भले ही भूकंप का तीव्रता कम था और कोई गंभीर हानि नहीं हुई, फिर भी राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासन सतर्क है। नेपाल सरकार और स्थानीय अधिकारी लगातार भूकंप के बाद के प्रभावों को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहते हैं।
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नेपाल में भूकंपों की घटनाओं से संबंधित अधिक जानकारी और रिपोर्ट्स समय-समय पर जारी की जाती हैं, ताकि जनता को सही दिशा-निर्देश मिल सके और वे किसी भी संभावित खतरे से बच सकें। ऐसे भूकंपों को देखते हुए, नेपाल में भूकंप सुरक्षा उपायों को और भी मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।