डोनाल्ड ट्रंप और बैकग्राउंड में उनका घर (डिजाइन फोटो)
Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में एक बार फिर बड़ी सेंधमारी का मामला सामने आया है। फ्लोरिडा स्थित उनके आलीशान आशियाने मार-ए-लागो में एक हथियारबंद शख्स ने घुसपैठ की कोशिश की। खतरे को भांपते हुए सीक्रेट सर्विस ने तुरंत मोर्चा संभाला और हमलावर को ढेर कर दिया। इस घटना से पूरे अमेरिका में सनसनी है।
बताया जा रहा है कि 20 से 25 साल का संदिग्ध युवक शॉटगन और पेट्रोल कैन लेकर मार-ए-लागो परिसर में दाखिल हो गया था। सुरक्षाबलों ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होने पर यूएस सीक्रेट सर्विस और पाम बीच काउंटी शेरिफ ऑफिस के डिप्टी को फायरिंग करनी पड़ी। इसमें संदिग्ध की मौके पर ही मौत हो गई।
इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद अमेरिका की तमाम शीर्ष एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई, यूएस सीक्रेट सर्विस और पाम बीच काउंटी शेरिफ ऑफिस ने बिना कोई देरी किए संयुक्त रूप से इस बेहद संवेदनशील मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच से जुड़े आला अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घटना के कई अलग-अलग पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है और यह पड़ताल बहुत तेजी से जारी है।
सभी सुरक्षा एजेंसियां बारीकी से घटनास्थल से तमाम तथ्यों और सुरागों को इकट्ठा कर रही हैं। उनका मुख्य उद्देश्य मामले की गहराई से पड़ताल कर इस चौंकाने वाली घटना के असल कारणों को दुनिया के सामने लाना है। यह सिक्योरिटी ब्रीच अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती और चिंता का विषय माना जा रहा है। क्योंकि मार-ए-लागो कोई आम जगह नहीं, बल्कि एक उच्च सुरक्षा वाला परिसर है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रहते हैं और यही उनका निजी रिसॉर्ट व मुख्य निवास है।
डोनाल्ड ट्रंप की जान पर खतरे का यह कोई पहला मामला नहीं है। उन्हें अतीत में भी जान से मारने की कई धमकियां मिल चुकी हैं। इससे पहले सितंबर 2024 में वेस्ट पाम बीच के ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ क्लब में भी उनकी हत्या की एक बड़ी कोशिश हुई थी। उस घटना के मुख्य आरोपी रयान रूथ को अदालत ने हाल ही में आजीवन कारावास की सख्त सजा सुनाई है, हालांकि उसने अदालत में अपने ऊपर लगे हत्या के इरादे के आरोपों से साफ इनकार किया था।
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इसके अलावा 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक विशाल चुनावी रैली के दौरान भी डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा और जानलेवा हमला हुआ था। एक के बाद एक हो रही इन घुसपैठ और हमलों की घटनाओं ने अमेरिका के राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था पर कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।