ट्रंप ने ग्रीनलैंड भेजा अत्याधुनिक हॉस्पिटल शिप (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Hospital Ship Greenland Aid: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए कहा है कि वे ग्रीनलैंड के लिए एक अत्याधुनिक हॉस्पिटल शिप भेज रहे हैं। यह घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया पर लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री के साथ मिलकर की है ताकि वहां के बीमार लोगों की मदद की जा सके। हालांकि अब तक डेनमार्क या ग्रीनलैंड की सरकार की ओर से इस तरह के किसी जहाज की मांग किए जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिकी अस्पताल जहाज ग्रीनलैंड सहायता की चर्चा कूटनीतिक हलकों में काफी तेजी से बढ़ रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि वे लुइसियाना के गवर्नर के साथ मिलकर ग्रीनलैंड में बीमार लोगों की उचित देखभाल के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक बेहतरीन हॉस्पिटल शिप पहले ही अपने रास्ते में है और वह उन लोगों की मदद करेगा जिन्हें सही स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालांकि व्हाइट हाउस या गवर्नर कार्यालय ने इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी या स्पष्टीकरण जनता के बीच साझा नहीं किया है।
ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है और हाल के महीनों में ट्रंप ने इसे अमेरिका में शामिल करने की अपनी इच्छा को कई बार खुलकर व्यक्त किया है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और डेनमार्क के किंग फ्रेडरिक ने हाल ही में एकजुटता दिखाने के लिए ग्रीनलैंड का दौरा किया था। ट्रंप के इस नए फैसले को डेनमार्क के संप्रभु क्षेत्र में बिना अनुमति के एक बड़े मानवीय हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा सकता है जिससे विवाद गहरा सकता है।
अमेरिकी नौसेना के पास वर्तमान में दो बहुत बड़े और प्रमुख अस्पताल जहाज हैं जिन्हें आधिकारिक तौर पर USNS मर्सी और USNS कंफर्ट के नाम से जाना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कोई भी जहाज वर्तमान में लुइसियाना में तैनात नहीं है, इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कौन सा पोत ग्रीनलैंड भेजा जाएगा। विशेषज्ञ इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह फैसला हाल ही में एक अमेरिकी पनडुब्बी के क्रू मेंबर की हुई मेडिकल इमरजेंसी से सीधे तौर पर जुड़ा है।
नाटो गठबंधन के भीतर भी हाल ही में ग्रीनलैंड और डेनमार्क के साथ अमेरिका की कई उच्च स्तरीय बातचीत सुरक्षा और चिकित्सा मुद्दों पर लगातार होती रही है। लेकिन ग्रीनलैंड की राजधानी नूक के पास हुई पनडुब्बी दुर्घटना और इस हॉस्पिटल शिप की घोषणा के बीच का सीधा संबंध अभी तक आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकार मान रहे हैं कि यह कदम ग्रीनलैंड पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीतिक योजना का हिस्सा हो सकता है जो काफी गंभीर है।
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इस घोषणा ने न केवल डेनमार्क बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी हलचल पैदा कर दी है क्योंकि बिना अनुमति के इस तरह की सहायता भेजना असामान्य माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का यह फैसला ग्रीनलैंड की भू-राजनीतिक स्थिति और वहां मौजूद प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण पाने की एक बड़ी कोशिश हो सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि डेनमार्क की सरकार इस अवांछित सहायता प्रस्ताव पर दुनिया के सामने अपनी क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यक्त करती है।