

US Cyber Attack on Iran: ईरान में लगातार बिगड़ती स्थिति के बीच अमेरिका पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य और खुफिया विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी है। इन योजनाओं से संकेत मिलता है कि अमेरिका केवल पारंपरिक हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उससे कहीं आगे की रणनीतियों पर विचार कर रहा है।
अमेरिका रक्षा विभाग के दो अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं और इन्हें देखते हुए अमेरिका साइबर और मनोवैज्ञानिक अभियानों जैसे विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की कमान और नियंत्रण संरचना, संचार नेटवर्क और सरकारी मीडिया को बाधित करना हो सकता है।
हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि संभावित साइबर हमलों में ईरान की किन डिजिटल प्रणालियों को निशाना बनाया जा सकता है या मनोवैज्ञानिक अभियानों को किस तरह लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह खुले हुए हैं। इस मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम मंगलवार को व्हाइट हाउस में बैठक कर ईरान नीति और सैन्य विकल्पों की समीक्षा करेगी। फिलहाल यह तय नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप स्वयं इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं।
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज करते हैं, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। रविवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिकी प्रशासन द्वारा तय की गई “रेड लाइन” को पार करता नजर आ रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं नहीं रुकीं, तो अमेरिका कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
पिछले दो हफ्तों से ईरान के सभी 31 प्रांतों में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अब तक 600 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। अधिकतर लोगों की जान गोली लगने या नजदीक से चलाई गई पेलेट गन से गई है। इसके अलावा राजधानी तेहरान समेत देश कई बड़े शहरों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।