Iran Crisis: व्हाइट हाउस से ट्रंप की बड़ी चेतावनी, ईरान पर अमेरिका कर सकता है हवाई हमला

Trump Iran Airstrike: व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ईरान पर हवाई हमलों सहित सभी सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों पर हिंसा को रोकने के लिए ट्रंप ने इसे 'रेड लाइन' पार करना बताया है।
Trump Keeping Iran Airstrikes on Table: White House Warns of Military Action Amid Protests
ईरान पर अमेरिका कर सकता है हवाई हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
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White House Iran military options: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और वहां हो रही हिंसा को लेकर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया है कि तेहरान की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रही हिंसक कार्रवाई को रोकने के लिए हवाई हमलों सहित सभी सैन्य विकल्प मेज पर हैं।

ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरानी शासन ने निर्दोष लोगों की हत्या करके उस 'रेड लाइन' को पार कर लिया है, जिसकी चेतावनी वाशिंगटन ने पहले ही दी थी। इस बीच, कूटनीति के बंद दरवाजों के पीछे से भी कुछ सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जिससे वैश्विक राजनीति में भारी अनिश्चितता और तनाव का माहौल बना हुआ है।

सैन्य विकल्पों पर विचार

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में पुष्टि की कि कमांडर-इन-चीफ के तौर पर ट्रंप सभी विकल्प खुले रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हवाई हमले उन "बहुत-बहुत" विकल्पों में से एक हैं, जिन पर वर्तमान में गंभीरता से विचार किया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य तेहरान की सड़कों पर हो रहे रक्तपात को तत्काल रोकना है, जिसके लिए वे घातक बल के उपयोग से भी पीछे नहीं हटेंगे।

कूटनीति और निजी संदेश

एक ओर जहां सार्वजनिक रूप से धमकियों का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक चैनल भी सक्रिय बताए जा रहे हैं। लेविट के अनुसार, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ निजी बातचीत में ईरानी नेतृत्व का लहजा उनके सार्वजनिक बयानों की तुलना में काफी सकारात्मक रहा है। ट्रंप इन संदेशों की गहराई को समझने में रुचि रखते हैं, लेकिन वे किसी भी बैठक या समझौते से पहले जमीनी स्तर पर कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं।

ईरान में हिंसा का बढ़ता आंकड़ा

मानवाधिकार समूहों और स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में चल रहे प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। व्हाइट हाउस ने भी इन मौतों की पुष्टि की है और बताया कि इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद वहां से भयावह जानकारियां लगातार बाहर आ रही हैं। अमेरिकी प्रशासन के पास ऐसी खबरें हैं कि 500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों की संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है।

रेड लाइन और कड़ी कार्रवाई

राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया कि ईरानी शासन ने उस सीमा को लांघ दिया है जिसे उन्होंने 'रेड लाइन' के रूप में परिभाषित किया था। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को इस तरह नहीं मारा जाना चाहिए और शासन द्वारा की जा रही यह हिंसा बर्दाश्त के बाहर है। ट्रंप ने अपनी पिछली कार्रवाई "मिडनाइट हैमर" का हवाला देते हुए याद दिलाया कि वे सैन्य शक्ति के उपयोग से कभी नहीं हिचकिचाते और ईरान को यह बात अच्छी तरह पता है।

आगे की राह और दबाव

कूटनीतिक और सैन्य दबाव के साथ-साथ ट्रंप ने हाल ही में ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर 25% टैरिफ लगाने की भी घोषणा की है। यह बहुआयामी रणनीति ईरान को आर्थिक और सैन्य, दोनों मोर्चों पर घेरने के लिए तैयार की गई है ताकि उसे बातचीत की मेज पर लाया जा सके। अब पूरी दुनिया की नजरें वाशिंगटन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति सफल होगी या खाड़ी क्षेत्र में एक नया युद्ध शुरू होगा।

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