ईरान में आर-पार की लड़ाई शुरू? विरोध के बीच खामेनेई के समर्थन में निकली रैली, विदेश मंत्री भी हुए शामिल

Iran Protest News: ईरान में खामेनेई विरोधी आंदोलन तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है। सरकार समर्थक रैलियों के बीच विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल पर साजिश का आरोप लगाया।
Has an all-out conflict begun in Iran? Amidst protests, a rally was held in support of Khamenei, with the foreign minister also participating.
आयतुल्लाह अली खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Protest Latest News In Hindi: ईरान की राजधानी तेहरान समेत देश के कई हिस्सों में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। खामेनेई विरोधी प्रदर्शन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं और लगातार उग्र होते जा रहे हैं। आम जनता सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही है जबकि ईरानी शासन इसे देश की स्थिरता पर हमला बता रहा है।

इसी बीच, तेहरान में सरकार समर्थक रैलियों का आयोजन किया गया, जिसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी शामिल हुए। रैली को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि जनता की मौजूदगी से सरकार को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस मौके पर ताकतवर होना चाहिए। हम भी मैदान में हैं और देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

विरोध को कमजोर नहीं समझ रही सरकार

सरकार समर्थक रैलियों को खामेनेई विरोधी आंदोलनों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी इन रैलियों में भाग लेकर यह संकेत दिया कि सरकार किसी भी तरह के विरोध को कमजोर नहीं समझ रही। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) का दावा है कि अब तक इन प्रदर्शनों में करीब 544 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं।

विदेशी साजिश का आरोप

इस बीच, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका और इजरायल इन अशांतियों को भड़काने में शामिल हैं। तेहरान में विदेशी राजनयिकों के साथ एक बैठक के दौरान अराघची ने दावा किया कि ईरान के पास इसके ठोस सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसे कई दस्तावेज हैं जो दिखाते हैं कि हाल की आतंकवादी और हिंसक गतिविधियों में अमेरिका और इजरायल की भूमिका रही है।

मोसाद ने हालात को और भड़काया

अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने इन प्रदर्शनों में घुसपैठ कराई और फारसी भाषा बोलने वाले एजेंटों के जरिए हालात को और भड़काया।

हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि हालात बिगड़े तो देश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन इसे “बराबरी और आपसी सम्मान” पर आधारित बताया।

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