
ट्रंप का फिर दावा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Pakistan Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि 2025 में दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष के समय उन्होंने हस्तक्षेप कर हालात को बिगड़ने से बचाया। यूएस-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ संबोधन के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान पर 350% टैरिफ लगाने की धमकी देकर उन्होंने युद्ध को टाल दिया।
ट्रंप के अनुसार, उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर कहा था “हमारा काम हो गया… हम युद्ध नहीं करेंगे।” ट्रंप ने इसे अपनी कूटनीतिक सफलता बताते हुए कहा कि वह विवाद सुलझाने में माहिर हैं और कोई अन्य अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसा कदम नहीं उठाता।
अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि परमाणु हमला होता है तो लॉस एंजिलिस पर परमाणु धूल उड़ेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को 350% टैरिफ लगाने का आदेश देने की तैयारी कर ली थी।
ट्रंप के मुताबिक, धमकी के 48 घंटों के भीतर दोनों देशों के नेता भारत के प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनसे संपर्क में आए और यह कदम न उठाने का आग्रह किया। ट्रंप ने आगे कहा कि कोई और राष्ट्रपति ऐसा नहीं कर पाता हमने 8 में से 5 युद्ध, व्यापार और टैरिफ की वजह से सुलझाए हैं।
ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन करके बताया कि हमारा काम हो गया। ट्रंप ने पूछा, ‘क्या काम हो गया?’ तब मोदी ने कहा कि हम अब युद्ध नहीं करेंगे। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि फिर किसी समझौते पर बात करते हैं।
भारत की ओर से ट्रंप के किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की गई है। विदेश मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जून 2025 में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को फोन पर ही बता दिया था भारत का रुख स्पष्ट है और किसी भी तनाव में मध्यस्थता की जरूरत नहीं।
दरअसल, मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना और ड्रोन फोर्स ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से लेकर पंजाब तक फैले जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा समेत 11 बड़े आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था।
इसके साथ ही पाकिस्तान वायुसेना के कई प्रमुख एयरबेस सरगोधा, रफीकी, मुशाफ और चकलाला पर सटीक हमले किए गए, जिससे उनके F-16, JF-17 फाइटर जेट और रनवे क्षतिग्रस्त हुए। भारतीय सैन्य नेतृत्व ने तब कहा था कि निर्धारित लक्ष्य पूरे हो गए हैं और आगे बढ़ने की आवश्यकता नहीं यानी युद्ध की कोई मंशा नहीं थी।
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चार दिनों तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद, पाकिस्तान सेना के अनुरोध पर द्विपक्षीय संघर्षविराम लागू हुआ। भारत ने साफ किया कि यह समझौता सीधे दोनों देशों के बीच हुआ और किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।






