कुछ भी करके हमास को मनाओ...गाजा युद्ध को लेकर बेबस हुए ट्रंप, अब पाकिस्तान के दोस्त से लगाई गुहार

Trump Peace Plan: ट्रंप ने गाजा युद्ध में शांति के लिए तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन से मदद मांगी, जिन्होंने हमास को बातचीत के लिए राजी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसे बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया।
कुछ भी करके हमास को मनाओ...गाजा युद्ध को लेकर बेबस हुए ट्रंप, अब पाकिस्तान के दोस्त से लगाई गुहार
ट्रंप ने गाजा पीस प्लान पर तुर्की से मदद मांगी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Israel-Hamas War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गाजा युद्ध के लेकर बार-बार हार का सामना करना पड़ा रहा है। ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद से ही युद्ध विराम करवाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हर बार इजरायल या हमास दोनों में कोई उनकी योजना मानने से इनकार कर देता है। ऐसे में उन्होंने एक नया रास्ता अपनाया और हमास को मनाने का जिम्मा तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन को सौंप दिया है।

इस बात का खुलासा करते हुए हाल में एर्दोगन ने खुद किया। उन्होंने कहा अमेरिका इतने बड़े मामले में तुर्की पर भरोसा करना हमारे लिए सम्मान की बात है। एर्दोगन ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा युद्ध समाप्त करने की अपनी शांति योजना को हमास तक पहुंचाने और उसे स्वीकार कराने के लिए उनसे मदद मांगी है।

हमास के बातचीत एकमात्र रास्ता

एर्दोगन के मुताबिक, तुर्की सरकार लगातार हमास के संपर्क में है और इस शांति प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि हमास ने बातचीत और समाधान की दिशा में सकारात्मक रुख अपनाया है, जिसे उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि बताया। एर्दोगन का मानना है कि इस मामले में हमास, इजरायल से कहीं आगे है। इस पहल के तहत तुर्की का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई खुफिया प्रमुख इब्राहीम कालिन कर रहे हैं, मिस्र के शर्म अल-शेख में चल रही इजरायल और हमास के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता में भाग ले रहा है। यह वार्ता ट्रंप की 20-सूत्रीय योजना पर आधारित है, जिसका मकसद गाजा में एक स्थायी और व्यावहारिक शांति स्थापित करना है।

ट्रंप की शांति योजना में शामिल प्रमुख बिंदु:

  • युद्धविराम की घोषणा
  • सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई
  • गाज़ा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया
  • हमास द्वारा हथियारों का त्याग
  • गाज़ा में फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना
  • युद्ध के बाद किसी विदेशी सेना की तैनाती न होना

मध्यस्थता में तीन और देश शामिल

एर्दोगन ने जोर देकर कहा कि, गाजा फिलिस्तीनी राज्य का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए और उसका प्रशासन गाजा के ही लोगों के हाथ में रहना चाहिए। इस पहल में मिस्र, कतर और अमेरिका भी सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। दो सालों से चल रहा गाजा युद्ध अब तक हजारों लोगों की जान ले चुका है, और क्षेत्र को मानवीय संकट की स्थिति में पहुंचा चुका है। ऐसे में ट्रंप की पहल और तुर्की की मध्यस्थता शांति की एक नई उम्मीद लेकर आई है।

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