
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Claims Iran offered Talks: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सरकार को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और वे बातचीत करना चाहते हैं और वो जल्द ही उनसे बात करने वाले है। ट्रंप ने हाल ही में ईरान को प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के खिलाफ सैन्य हमले की धमकी दी थी।
ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करती है, तो अमेरिका सैन्य हमले की योजना बना सकता है। 11 जनवरी को एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने यह दावा किया कि ईरान के नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और वे बातचीत करना चाहते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “ईरान के नेताओं ने कल फोन किया और एक बैठक आयोजित की जा रही है। वे बातचीत करना चाहते हैं।” हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि “बैठक से पहले हमें कार्रवाई करनी पड़ सकती है”, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका हमले से पहले ईरान पर सैन्य दबाव बना सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में हो रही हिंसा के कारण कुछ प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, और अमेरिका की सेना स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। उन्होंने कहा, “हम इसे गंभीरता से देख रहे हैं और कुछ बहुत मजबूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हम निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।”
इन धमकियों को ईरान हल्के में नहीं ले सकता, खासकर तब जब अमेरिका ने वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ईरान ने वाकई ट्रंप से बातचीत का प्रस्ताव रखा है। क्या ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अमेरिका से बातचीत करके सैन्य हमले को टालने की कोशिश कर रहे हैं?
ईरान की सरकार पहले ही देशवासियों को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि उन्हें बाहरी हस्तक्षेप से बचाने की जिम्मेदारी खुद उनके हाथ में है। रविवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने राष्ट्रीय एकता की अपील करते हुए कहा कि देश को एकजुट होकर बाहरी दुश्मनों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
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उन्होंने माना कि 80% प्रदर्शनकारियों की शिकायतें वैध थीं, लेकिन जिन लोगों ने मस्जिदों और दुकानों को जलाया, वे दंगाई और आतंकवादी थे। पेजेशकियान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान की अर्थव्यवस्था को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर देश को झुका रहा है। उन्होंने जनता से समर्थन की अपील की, “कृपया, बने रहें और हमारा समर्थन करें।”






