'उद्धव ने धोखा दिया, राहुल देश को कर रहे बदनाम', मुरलीधर मोहोल ने पवार परिवार के मिलन पर भी कही बड़ी बात

Murlidhar Mohol: केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने विपक्षी गठबंधनों को स्वार्थ का मेल बताते हुए उद्धव ठाकरे, राहुल गांधी और शरद पवार पर तीखे हमले किए और पुणे के विकास का रोडमैप साझा किया।
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केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल (सोर्स: IANS)
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Murlidhar Mohol Interview : केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक विशेष साक्षात्कार में महाराष्ट्र की राजनीति, आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने विपक्षी दलों के आपसी तालमेल को 'डर का परिणाम' करार दिया।

केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने 2019 के जनादेश का अपमान किया है। मोहोल के अनुसार, भाजपा और शिवसेना ने महायुति गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा था और उनके पास स्पष्ट बहुमत था, लेकिन मुख्यमंत्री पद की लालसा में उद्धव ठाकरे ने न केवल भाजपा को, बल्कि महाराष्ट्र के 11 करोड़ लोगों और हिंदुत्व की विचारधारा को भी धोखा दिया।

उन्होंने आगे तर्क दिया कि जो पार्टी कई सालों तक मुंबई की सत्ता में रही, वह आज अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के संभावित गठबंधन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यह एकजुटता केवल अपनी डूबती हुई राजनीतिक जमीन को बचाने का एक हताश प्रयास है, क्योंकि जनता अब उन पर भरोसा नहीं करती।

पवार परिवार का मिलन पर मोहोल ने कही बड़ी बात

अजित पवार और शरद पवार के बीच बढ़ती नजदीकियों और उनके एक साथ आने की संभावनाओं पर मोहोल ने स्पष्ट किया कि इससे भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका मानना है कि जनता यह भली-भांति समझती है कि राज्य का वास्तविक विकास कौन सुनिश्चित कर सकता है। मोहोल ने दावा किया कि अजित पवार अकेले चुनाव लड़ने से डर रहे थे और कई अन्य नेताओं से संपर्क करने के बाद जब उन्हें समर्थन नहीं मिला, तब वे पुनः शरद पवार की शरण में गए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्षी नेता आज साथ हैं, कल अलग थे और भविष्य में फिर अलग हो जाएंगे, लेकिन केंद्र और राज्य में भाजपा की मजबूत उपस्थिति के कारण यह सब अप्रासंगिक है।

पुणे का विकास पर केंद्रीय मंत्री का बयान

पुणे के भविष्य पर चर्चा करते हुए मुरलीधर मोहोल ने एक महत्वपूर्ण तथ्य रखा कि आज पुणे का भौगोलिक विस्तार मुंबई से भी अधिक हो चुका है। उनका लक्ष्य पुणे को देश की सर्वोत्तम सिटी बनाना है। मोहोल के अनुसार, पुणे की जनता बहुत सोच-समझकर मतदान करती है और वे जानते हैं कि शहर का विकास केवल भाजपा के नेतृत्व में ही सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों और राज्य स्तर के चुनावों के एजेंडे अलग होते हैं, लेकिन विकास की निरंतरता के लिए जनता भाजपा के साथ खड़ी है।

राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय राजनीति की ओर रुख करते हुए, मोहोल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का विदेश जाना समस्या नहीं है, बल्कि वहां जाकर भारत के लोकतंत्र और संविधान के बारे में गलत बयानबाजी करना चिंताजनक है। मंत्री ने आरोप लगाया कि विदेशी धरती पर देश को बदनाम करने का यह तरीका पूरी तरह से अनुचित है।

ममता सरकार बोला तीखा हमला

पश्चिम बंगाल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मोहोल ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और वहां की मुख्यमंत्री खुद सरकारी कार्यों में बाधा डाल रही हैं। मोहोल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बंगाल की जनता इस अन्याय और अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और वहां भाजपा की सत्ता में वापसी होगी।

मुरलीधर मोहोल का यह साक्षात्कार स्पष्ट करता है कि भाजपा आगामी चुनावों में 'विकास' और 'विपक्ष के धोखे' को मुख्य मुद्दा बनाने वाली है। उनके बयानों से यह संकेत मिलता है कि पार्टी विपक्षी एकजुटता को जनता के सामने एक 'अस्थिर गठबंधन' के रूप में पेश करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल सत्ता बचाना है, न कि जनसेवा।

इसे इस तरह समझ सकते हैं जैसे एक मजबूत इमारत (भाजपा) अपनी नींव और निर्माण (विकास) के दम पर खड़ी है, जबकि पुराने गिरते हुए घर (विपक्षी दल) केवल एक-दूसरे का सहारा लेकर टिकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी नींव में आपसी अविश्वास की दरारें साफ दिख रही हैं।

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