थाईलैंड और कंबोडिया सीमा विवाद, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Thailand Cambodia Border Tension: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने पुष्टि की है कि सीमा इलाके में हुए विस्फोट और मोर्टार दागे जाने की घटना को लेकर थाई सेना ने कंबोडिया के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। इस घटना में एक थाई सैनिक घायल हुआ है।
थाई सेना की सेकंड एरिया कमांड के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 7:25 बजे (स्थानीय समय) कंबोडियाई क्षेत्र से सीमा की ओर मोर्टार गोला दागा गया। सेना का दावा है कि यह कार्रवाई दोनों देशों के बीच लागू संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
प्रधानमंत्री अनुतिन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि थाई विदेश मंत्रालय ने कंबोडिया के विदेश मंत्रालय को औपचारिक पत्र भेजकर संघर्षविराम उल्लंघन की जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाईलैंड संघर्षविराम की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन कर रहा है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है।
थाई सेना के प्रवक्ता विनथाई सुवरी ने कहा कि कंबोडिया को सतर्क रहने और संघर्षविराम नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, कंबोडियाई पक्ष ने बाद में थाई सैन्य इकाई से संपर्क कर यह स्पष्ट किया कि यह घटना जानबूझकर नहीं बल्कि संचालन के दौरान हुई एक त्रुटि थी।
इसी दिन कंबोडिया के प्रेह विहेयर प्रांत के एक सीमा क्षेत्र में कचरे के ढेर में हुए अचानक विस्फोट में दो कंबोडियाई सैनिक भी घायल हो गए। कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल माली सोचेआता ने इस घटना की पुष्टि की।
तनाव को कम करने के प्रयासों के तहत दोनों देशों की कार्यकारी टीमों ने आपसी परामर्श किया, सूचनाओं का आदान-प्रदान किया और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए संयुक्त कदम उठाने पर सहमति जताई।
यह भी पढ़ें:- दक्षिण कोरिया-अमेरिका अलर्ट मोड में! रक्षा मंत्री ने किया CFC दौरा, युद्ध जैसी तैयारी का बड़ा संकेत
इस बीच, कंबोडिया के गृह मंत्रालय ने राहत और पुनर्वास को लेकर जानकारी साझा की है। मंत्रालय के प्रवक्ता टच सोखाक के अनुसार, हालिया सीमा संघर्ष के बाद विस्थापित किए गए नागरिकों में से लगभग 68.4 प्रतिशत लोग अपने घर लौट चुके हैं। कुल 6,49,023 विस्थापितों में से करीब 4,44,179 लोग वापस जा चुके हैं, जबकि 2,04,844 लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। इनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या बड़ी है।