वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य एक्शन के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में प्रदर्शन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Protests in Cape Town against US imperialism 2026: दक्षिण अफ्रीका की विधायी राजधानी केप टाउन में शुक्रवार को वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने 3 जनवरी को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने “यूएस इंपीरियलिज्म खत्म करो” के नारों के साथ मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की। दक्षिण अफ्रीकी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की यह साम्राज्यवादी आक्रामकता दुनिया को एक व्यापक और विनाशकारी युद्ध की ओर धकेल सकती है।
केप टाउन के सिटी सेंटर स्थित ऐडरले स्ट्रीट पर शुक्रवार दोपहर प्रदर्शनकारियों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रदर्शन का नेतृत्व दक्षिण अफ्रीकी BDS कोएलिशन ने किया, जिसमें नागरिक समाज के विभिन्न संगठनों और छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने “वेनेजुएला से अमेरिका बाहर जाओ” लिखी तख्तियां थामी हुई थीं और वे अमेरिकी तानाशाही के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का तर्क है कि संप्रभु राष्ट्र के राष्ट्रपति को जबरन हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क ले जाना एक “अवैध” कृत्य है। विश्वविद्यालय के छात्र फारीक थीबा ने आशंका जताई कि अगर आज वेनेजुएला को निशाना बनाया गया है, तो कल दक्षिण अफ्रीका या कोई अन्य देश भी अगला शिकार हो सकता है। यह चिंता ग्लोबल साउथ के देशों के बीच अमेरिकी दखलअंदाजी को लेकर बढ़ते डर को दर्शाती है।
75 वर्षीय सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट माइकल टाइटस ने इस कार्रवाई को अमेरिका की “दबंगई” करार देते हुए कहा कि दुनिया अब सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया को डराने-धमकाने का काम कर रहा है और साम्राज्यवाद को बढ़ावा दे रहा है। टाइटस ने अंतरराष्ट्रीय मंचों से अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील की ताकि अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।
प्रदर्शनकारियों ने जनता से 6 फरवरी को प्रस्तावित “अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एक्शन डे” में शामिल होने का आह्वान किया है। यह आयोजन फिलिस्तीनी और वेनेजुएला के लोगों के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए वैश्विक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि केवल सामूहिक वैश्विक विरोध ही अमेरिका की इन आक्रामक नीतियों को रोकने में सक्षम हो सकता है।
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दक्षिण अफ्रीकी कम्युनिस्ट पार्टी (SACP) ने आरोप लगाया है कि ट्रंप प्रशासन की असल नजर वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर है। संगठन के अनुसार, मादुरो पर लगाए गए नार्को-टेररिज्म के आरोप केवल एक बहाना हैं ताकि अमेरिका वहां के प्राकृतिक संसाधनों को अपने नियंत्रण में ले सके। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला की जनता को अपनी सरकार चुनने का पूरा अधिकार है और किसी बाहरी शक्ति को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।