
ट्रंप कस ईरानी बैंकिंग नेटवर्क पर प्रहार (सोर्स-सोशल मीडिया)
US sanctions on Iran secret banking network: अमेरिकी सरकार ने ईरान में चल रहे जन-विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचलने के आरोपी अधिकारियों और उनके वित्तीय तंत्र के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। ट्रंप प्रशासन ने ईरानी शासन के दमनकारी रवैये की निंदा करते हुए एक गुप्त बैंकिंग नेटवर्क और कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को प्रतिबंधित कर दिया है। यह कदम ईरानी जनता की स्वतंत्रता और न्याय की मांगों के प्रति अमेरिका के कड़े समर्थन को प्रदर्शित करता है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले शासन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किया जाएगा।
अमेरिका के वित्त विभाग ने ईरानी वित्तीय संस्थानों से जुड़े एक गुप्त बैंकिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 18 व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार यह कार्रवाई ईरान के उस अवैध धन तंत्र को लक्षित करती है जिसका उपयोग दमनकारी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। प्रशासन ने दोहराया है कि वे ईरानी जनता की न्याय की मांग के साथ खड़े हैं और शासन की जवाबदेही तय करेंगे।
प्रतिबंधों की इस नई सूची में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव का नाम प्रमुखता से शामिल है जिन्हें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का दोषी माना गया है। ये प्रतिबंध लक्षित व्यक्तियों की अमेरिकी संपत्तियों को फ्रीज करते हैं और अमेरिकी व्यवसायों के साथ उनके लेन-देन को पूरी तरह प्रतिबंधित करते हैं। हालांकि ये कदम प्रतीकात्मक हो सकते हैं लेकिन वे ईरान के अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दायरे को काफी सीमित कर देते हैं।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का अनुमान है कि ईरान में जारी दमनकारी कार्रवाई के दौरान अब तक कम से कम 2,615 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट और कड़े नियंत्रण के बावजूद देशव्यापी प्रदर्शनों ने इस्लामिक सत्ता को हिला कर रख दिया है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में राजधानी तेहरान की सड़कों पर हिंसा और गोलीबारी की आवाजों में कमी देखी गई है जिससे स्थिति के धीमे होने के संकेत मिले हैं।
तनाव के चरम पर पहुंचने के बीच ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को व्यावसायिक विमानों के लिए सुबह साढ़े सात बजे तक बंद करने का आदेश जारी किया है। सरकारी मीडिया ‘आतंकवादी’ करार देकर प्रदर्शनकारियों की सामूहिक गिरफ्तारियां कर रहा है और स्टारलिंक सैटेलाइट डिश की तलाश की जा रही है। शासन का मुख्य उद्देश्य सूचनाओं के प्रसार को रोकना है ताकि दुनिया को जमीनी हकीकत का पता न चल सके।
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संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक संस्थाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी कहने की ईरानी रणनीति की कड़े शब्दों में आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के ये नए प्रतिबंध अन्य देशों को भी ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। जब तक ईरान अपने मानवाधिकार दायित्वों को पूरा नहीं करता तब तक उस पर अतिरिक्त प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाने की संभावना बनी रहेगी।






