मदीना हादसे में नहीं हो पा रही लोगों की पहचान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Saudi Arab Bus Accident: सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना के पास हुए दर्दनाक बस हादसे में भारतीय यात्रियों की बड़ी संख्या में मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। रविवार देर रात मक्का से मदीना जा रहे हैदराबाद के तीर्थयात्रियों का समूह एक भीषण टक्कर का शिकार हो गया, जिसके बाद बस में आग लग गई और 45 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोमवार को एक्स पर लिखा कि नई दिल्ली स्थित इस्लामी गणराज्य ईरान का दूतावास मदीना में भारतीय यात्रियों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त करता है और भारत की सरकार और जनता के प्रति संवेदना प्रकट करता है। दूतावास ने मृतकों की आत्मा की शांति और परिजनों को शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
हादसे में मोहम्मद अब्दुल शोएब नाम का एक यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बताया कि 9 नवंबर को 54 यात्रियों का समूह उमराह यात्रा के लिए जेद्दा रवाना हुआ था और 23 नवंबर को भारत लौटना था।
मक्का में उमराह पूरा करने के बाद यात्री रविवार रात मदीना की ओर जा रहे थे। हादसा मदीना से लगभग 25 किलोमीटर पहले उस समय हुआ, जब उनकी बस एक तेल टैंकर से भिड़ गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि बस तुरंत आग की चपेट में आ गई और यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
सज्जनार ने बताया कि कुल 54 में से 4 यात्री मक्का में ही रुक गए थे और 4 अन्य कार से मदीना रवाना हुए थे। हादसे के वक्त बस में 45 लोग सवार थे। मृतकों में 17 पुरुष, 18 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। ये सभी यात्री हैदराबाद के आसिफ नगर, झिरा, मेहदीपट्टनम और टोली चौकी इलाकों के निवासी थे।
तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी हादसे में लगभग 47–48 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हज हाउस में पीड़ितों के परिवारों को सहायता देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सरकार मृतकों के परिवार से कम से कम एक सदस्य को सऊदी अरब भेजने की व्यवस्था करने की तैयारी कर रही है। जिनके पास पासपोर्ट नहीं है, उनके लिए सरकार पासपोर्ट बनवाने में तत्काल सहयोग करेगी।
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दुर्घटना में शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे पहचान लगभग असंभव हो गई है। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा सकता है।