एस जयशंकर अगले सप्ताह जाएंगे इस्लामाबाद, SCO बैठक में सात देशों के प्रधानमंत्री लेंगे भाग

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट कहा था, कि वह SCO बैठक के लिए पाकिस्तान तो जा रहे हैं और वहां सिर्फ बहुपक्षीय वार्ता होगी। पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं है। इस तरह से विदेश मंत्री ने अपने पड़ोसी देश को कड‍़ा संदेश भी भी दिया है।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर (सौजन्य सोशल मीडिया)
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इस्लामाबाद: विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले सप्ताह इस्लामाबाद दौरे पर जाएंगे। वे, चीन और रूस के प्रधानमंत्रियों समेत अन्य नेता अगले सप्ताह पाकिस्तान के इस्लामाबाद होने वाली दो दिवसीय एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भाग लेंगे। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, बैठक में अर्थव्यवस्था, व्यापार और पर्यावरण के क्षेत्र में जारी सहयोग पर चर्चा की जाएगी।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (FO) ने एक बयान में बताया कि वह 15 और 16 अक्टूबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शासनाध्यक्ष परिषद (CHG) की बैठक की मेजबानी करेगा। सीएचजी के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।

पाकिस्तान सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, एससीओ सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व चीन, रूस, बेलारूस, ताजिकिस्तान,कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति और भारत के विदेश मंत्री बैठक में शिरकत करेंगे। सीएचजी बैठक में अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यावरण, सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्र में जारी सहयोग पर चर्चा की जाएगी और संगठन के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।

जयशंकर का रूख स्पष्ट

जारी बयान में ये भी बताया गया कि नेता एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लेंगे। साथ ही संगठन के बजट को मंजूरी प्रदान करेंगे। एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर पाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे। इस पर विदेश मंत्री ने 5 अक्टूबर, 2024 को एक व्याख्यान के दौरान मुहर लगा दी थी। लेकिन उनका कड़ा रूख स्पष्ट है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट कहा था, कि वो पाकिस्तान जा रहे हैं वहां सिर्फ बहुपक्षीय वार्ता होगी। पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं है। इस तरह से विदेश मंत्री ने अपने पड़ोसी देश को कड‍़ा संदेश भी देने का काम किया है। ये बातें उन्होंने आईसी सेंटर फॉर गवर्नेंस द्वारा आयोजित गवर्नेंस पर सरदार पटेल व्याख्यान में कही।

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