Explainer: क्या पुतिन का 'हिडन हैंड' बचाएगा ईरान? जानें रूस की सैन्य मदद और उसके पीछे का असली सच

Russia Iran Military Aid: जानिए कैसे रूस का 'लियाना' सैटेलाइट सिस्टम अमेरिकी युद्धपोतों की सटीक लोकेशन ईरान को दे रहा है जिससे समुद्र में अमेरिकी बेड़े पर हमले का खतरा बढ़ गया है।
Will Putin's 'Hidden Hand' Save Iran? Discover Russia's Military Aid and the Real Truth Behind It.
डोनाल्ड ट्रंप, मोजतबा खामेनेई और पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Russia Iran Intelligence Sharing: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के महायुद्ध में अब रूस की भूमिका को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि रूस, ईरान की 'थोड़ी बहुत' मदद कर रहा है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और खुफिया रिपोर्टों का दावा है कि यह मदद केवल थोड़ी नहीं है बल्कि युद्धक्षेत्र में ईरान की हमलावर क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।

रूस कैसे कर रहा है ईरान की सहायता?

रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस अपने जासूसी सैटेलाइट सिस्टम 'लियाना' के जरिए ईरान को खुफिया डेटा प्रदान कर रहा है। यह सिस्टम विशेष रूप से अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स और अन्य नौसैनिक बलों की पहचान करने और उन्हें निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। ईरान ने हाल ही में दावा किया था कि उसने अमेरिकी विमान वाहक पोत 'USS अब्राहम लिंकन' पर मिसाइलें दागीं जिसे रूसी सैटेलाइट डेटा से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा, रूस ने ईरान के 'खय्याम' सैटेलाइट के विकास में भी मुख्य भूमिका निभाई है जो उच्च-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भेजने में सक्षम है।

ड्रोन तकनीक का क्या है खेल?

रूस और ईरान के बीच सैन्य हथियारों का आदान-प्रदान काफी गहरा हो गया है। यूक्रेन युद्ध में ईरान के 'शाहेद' ड्रोन्स का इस्तेमाल करने के बाद, रूस ने इन्हें और अधिक घातक और आधुनिक बना दिया है। अब ये अपग्रेडेड ड्रोन्स वापस ईरान पहुंच रहे हैं। हाल ही में एक ड्रोन में रूस निर्मित 'कोमेटा-बी' मॉड्यूल पाया गया जो एक एंटी-जामिंग तकनीक है। यह तकनीक ड्रोन्स को पश्चिमी वायु रक्षा प्रणालियों के हस्तक्षेप के बावजूद अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करती है।

युद्ध से पुतिन को क्या फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस इस युद्ध में ईरान की निर्णायक जीत में बहुत अधिक रुचि नहीं रखता है लेकिन वह इस संघर्ष के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। ईरान द्वारा Strait of Hormuz में तेल की आपूर्ति बाधित करने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। तेल की इन बढ़ती कीमतों ने पुतिन को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बना दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि राष्ट्रपति ट्रंप को आर्थिक झटके को कम करने के लिए रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से निलंबित करना पड़ा है।

क्या है ट्रंप की डेडलाइन?

युद्ध के मोर्चे पर तनाव और बढ़ गया है क्योंकि IAEA ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायली हमलों में ईरान के परमाणु संयंत्रों को नुकसान पहुंचता है तो यह एक बड़ी 'रेडियोलॉजिकल दुर्घटना' का कारण बन सकता है। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले के लिए 10 दिनों की नई समयसीमा जारी कर दी है।

कूटनीतिक हलकों में इसे युद्ध को और अधिक हिंसक बनाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है जबकि रूस पर्दे के पीछे से ईरान को 'गुडविल जेस्चर' के रूप में विशेषज्ञ और सैन्य पुर्जे सप्लाई करना जारी रखे हुए है।

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