भोपाल में 'न्याय' के लिए दंडवत हुए शिक्षक! DPI के बाहर मुंडन कराकर जताया विरोध; खाली पदों पर भर्ती की मांग

Bhopal News: शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने DPI के बाहर मुंडन कराकर प्रदर्शन किया, इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने 1.15 लाख रिक्त पदों के बावजूद कम सीटों पर भर्ती का आरोप लगाया है।
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डीपीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन (सोर्स- नवभारत)
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MP Teacher Recruitment Protest: राजधानी भोपाल में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती के अभ्यर्थियों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर देखने को मिला। पदों की संख्या बढ़ाने और जल्द नियुक्ति देने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। वहीं महिला और पुरुष शिक्षकों ने डीपीआई कार्यालय के सामने दंडवत होकर विभाग और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रदेश में हजारों पद खाली होने के बावजूद भर्ती में नाममात्र की सीटें घोषित की गई हैं।

स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी

अभ्यर्थियों के अनुसार मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। विधानसभा के बजट सत्र में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक विभाग में कुल 2,89,005 स्वीकृत पद हैं, लेकिन केवल 1,74,419 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि करीब 1.15 लाख से अधिक पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में बेहद कम पद जारी किए गए, जिससे बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी चयन से बाहर हो गए।

यह है प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती वर्ग-2 में प्रत्येक विषय में कम से कम 3 हजार पद बढ़ाए जाएं या संपूर्ण वर्ग-2 भर्ती में न्यूनतम 10 हजार पदों की तत्काल वृद्धि कर दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए।

आंदोलन के दौरान सामने आई भावुक करने वाली तस्वीर

आंदोलन के दौरान एक भावुक तस्वीर भी सामने आई। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि एक शिक्षक का बेटा ब्लड कैंसर से जूझ रहा है और आर्थिक तंगी के कारण उसके इलाज में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में साथी शिक्षक आपस में सहयोग कर बच्चे का इलाज करा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना था कि लंबे समय से नियुक्ति नहीं मिलने के कारण कई परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं।

अभ्यर्थियों ने लगाए आरोप

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वह लंबे समय से लगातार आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार और विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रहे। शिक्षकों का कहना था कि करीब तीन घंटे तक लगातार धरना, दंडवत प्रदर्शन और नारेबाजी के बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर बातचीत या आश्वासन देने तक नहीं पहुंचा, जिससे अभ्यर्थियों में और नाराजगी बढ़ गई।

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