'सिर्फ जांच से काम नहीं चलेगा...', भोपाल में नीट पेपर लीक पर भड़के छात्र संगठन; शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल

Aidso And Aidyo Protest: भोपाल में NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक मामले को लेकर छात्र संगठन AIDSO और युवा संगठन AIDYO ने मंगलवार सुबह ज्योति टॉकीज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया।
Bhopal Neet Protest Aidso Aidyo Jyoti Talkies Nta Dissolution News Update
नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Neet UG 2026 Protest After Paper Leak Bhopal: भोपाल में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG 2026) परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक मामले को लेकर छात्र संगठन एआईडीएसओ (AIDSO) और युवा संगठन एआईडीवायओ (AIDYO) ने मंगलवार सुबह ज्योति टॉकीज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ (AIDSO) की भोपाल जिला कोषाध्यक्ष अम्बिका ने कहा कि राजस्थान में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG 2026) को रद्द करना और सीबीआई जांच के आदेश देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बार-बार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा आयोजित करने में विफल रही है।

संगठन ने क्या कला?

संगठनों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई केंद्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितताओं और हेरफेर के मामले सामने आए हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इतने बड़े स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

परीक्षा प्रणाली अत्यधिक केंद्रीकृत और दोषपूर्ण है- एआईडीवायओ

एआईडीवायओ (AIDYO) के भोपाल जिला सचिव सोनू सेन ने कहा कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली अत्यधिक केंद्रीकृत और दोषपूर्ण है, जिससे कोचिंग उद्योग को फायदा पहुंच रहा है, जबकि छात्रों और अभिभावकों पर मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने इसे शिक्षा के निजीकरण और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।

'दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी'

प्रदर्शन के मुख्य वक्ता और एआईडीवायओ के राज्य उपाध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे ने कहा कि नीट-यूजी सहित अन्य केंद्रीय परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे घोटालों ने छात्रों का विश्वास तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि केवल बयान जारी करने से व्यवस्था में भरोसा बहाल नहीं होगा बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने न्यायिक निगरानी में समयबद्ध जांच, दोषियों को कड़ी सजा, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और राष्ट्रीय स्तर की सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त कर परीक्षाएं सीधे सरकार द्वारा आयोजित कराने की मांग भी उठाई गई।

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