

Hantavirus Cruise Ship 11 Positive And 3 Dead: हंतावायरस के प्रकोप ने पूरी दुनिया में एक बार फिर से भारी दहशत और डर का बड़ा माहौल पैदा कर दिया है। अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की एक लंबी समुद्री यात्रा पर निकले इस विदेशी क्रूज शिप पर जानलेवा वायरस ने अचानक दस्तक दी है। इस खतरनाक और तेजी से फैलने वाली बीमारी के कारण अब तक कुल 11 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं और 3 की मौत हुई है। इस अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी के बाद क्रूज पर मौजूद सभी विदेशी यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच भारी खौफ है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हालात की भारी गंभीरता को करीब से देखते हुए तुरंत एक बहुत ही सख्त ग्लोबल हेल्थ गाइडलाइंस जारी की है। बीमारी से प्रभावित सभी संदिग्ध लोगों और यात्रियों को पूरे 42 दिनों तक बहुत ही सख्त क्वारंटाइन में रहने का निर्देश दिया गया है। यह क्रूज 1 अप्रैल को अपनी लंबी और रोमांचक यात्रा पर निकला था जो अब वायरस फैलने पर स्पेन के टेनेरिफ में रोका गया है। दुनिया भर के कई बड़े स्वास्थ्य अधिकारी इस नए खतरनाक वायरस के वैश्विक खतरे पर फिलहाल अपनी बहुत कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
हंतावायरस की चपेट में आने वाले इस डच एक्सपीडिशन क्रूज शिप का नाम एमवी होंडियस बताया जा रहा है जो एक बड़ी शिप है। यह विशाल जहाज अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से अंटार्कटिका और दक्षिण अटलांटिक के कई दूरदराज इलाकों की रोमांचक यात्रा पर रवाना हुआ था। बाद में हंतावायरस का क्लस्टर सामने आने पर इस शिप को केप वर्डे और फिर स्पेन के टेनेरिफ में रोक कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर उतारा गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक हालिया मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार जहाज पर अब तक 11 गंभीर मामलों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। इन सभी बीमार मरीजों में 9 लोग कन्फर्म पॉजिटिव पाए गए हैं और अन्य 2 लोगों में हंतावायरस के संक्रमण का शक होने से इन्हें अलग रखा गया है। इस खतरनाक वायरस के इन्क्यूबेशन पीरियड को देखते हुए WHO आने वाले कुछ दिनों में इसके और अधिक मामले बढ़ने की आशंका जता रहा है।
हंतावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और कुतरने वाले छोटे जीवों के माध्यम से ही सीधे इंसानों के शरीर में आता है। हालांकि इस वायरस का एंडीज स्ट्रेन एक ऐसा घातक और खतरनाक प्रकार है जो सीधे एक इंसान से दूसरे इंसान में बहुत ही आसानी से फैल सकता है। इस खास और गंभीर वजह से इसे दुनिया के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है और इस संक्रमण को रोकने के लिए सबसे कड़े कदम उठाए गए हैं।
हंतावायरस की मृत्यु दर 20 से 40 फीसदी के बीच है जो इसे कोरोना वायरस से भी कई गुना अधिक जानलेवा और खतरनाक बनाती है। कोरोना वायरस की आधिकारिक मृत्यु दर 1 प्रतिशत से भी काफी कम थी लेकिन हंतावायरस अपनी भयानकता के कारण सीधे इबोला जैसी गंभीर बीमारी है।
हंतावायरस के इस नए खतरे को टालने और रोकने के लिए 42 दिनों का बहुत लंबा और पूरी तरह सख्त क्वारंटाइन नियम अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। जहाज से उतरने के पहले ही दिन से सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों पर यह नया नियम बहुत ही सख्ती और बिना किसी छूट के लागू किया गया है। इस जानलेवा बीमारी का अभी दुनिया में कोई वैक्सीन नहीं है इसलिए सावधानी और बचाव ही इसका सबसे बड़ा और एकमात्र सही उपाय है।