'बदल जाएगा मिडिल ईस्ट का नक्शा', ईरान पर अमेरिकी हमले की आहट के बीच कतर की बड़ी चेतावनी, मचेगी भीषण तबाही

Qatar Warning US Iran: ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के बीच अमेरिका के संभावित हवाई हमलों पर कतर ने कड़ी चेतावनी दी है। दोहा का कहना है कि सैन्य टकराव पूरे मध्य पूर्व के लिए विनाशकारी होगा।
'The map of the Middle East will change': Qatar issues a major warning amid fears of a US attack on Iran, predicting immense devastation.
डोनाल्ड ट्रंप और शेख तमीम बिन हमद अल थानी, कॉन्सेप्ट फोटो
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Iran US Tension News In Hindi: ईरान में जारी आंतरिक विद्रोह और प्रदर्शनकारियों पर हो रहे दमन के बीच खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के नेतृत्व में दोहा ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर एक सख्त चेतावनी जारी की है। कतर का मानना है कि किसी भी प्रकार का सैन्य उकसावा पूरे क्षेत्र के नक्शे को बदल सकता है और इसके परिणाम विनाशकारी होंगे।

कतर की दो टूक

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा कि इस संकट का समाधान केवल कूटनीति से ही संभव है, न कि बम और मिसाइलों से। कतर का यह बयान तब आया है जब व्हाइट हाउस ने दोहराया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में हो रही हिंसा को रोकने के लिए हवाई हमलों सहित अन्य सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

ईरान की पलटवार की धमकी

ट्रंप की धमकियों के बाद तेहरान ने भी सख्त तेवर दिखाए हैं। ईरान ने दो टूक कहा है कि यदि अमेरिका किसी तरह की सैन्य कार्रवाई करता है तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे और नौसैनिक जहाज उसके लिए वैध लक्ष्य होंगे। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी ट्रंप प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रामक कदम का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि तेहरान अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हालात की मांग होने पर सैन्य विकल्प अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा।

गौरतलब है कि इसी साल जून में ईरान ने कतर स्थित अमेरिका के अल उदैद सैन्य अड्डे पर हमला किया था जो अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर की गई कार्रवाई का जवाब था। कतर ने उस समय अपनी कूटनीति के जरिए संघर्षविराम कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

ईरान में 1979 के बाद का सबसे बड़ा संकट

सूत्रों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में वर्तमान में जारी देशव्यापी प्रदर्शन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सत्ता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। भारी इंटरनेट बंदी के बावजूद, वहां से सैकड़ों मौतों और सुरक्षाबलों की बर्बरता की खबरें बाहर आ रही हैं। कतर का मानना है कि ऐसे संवेदनशील समय में सैन्य कार्रवाई क्षेत्र और उससे आगे तक अस्थिरता पैदा करेगी।

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