'...असली हथियार तो अभी बाकी है', खामेनेई ने ट्रंप-नेतन्याहू को दी खुली चुनौती, अब मिडिल-ईस्ट में होगा महातांडव

Middle-East Tension: इजरायल और अमेरिकी हमले के पलटवार में ईरान ने भी कई हवाई हमले किए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि उसने अब तक केवल कबाड़ मिसाइलें दागी हैं। असली हथियारों का घातक इस्तेमाल अब होगा।
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Israel-Iran War: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर सैन्य हमला कर दिया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम ईरान की खतरनाक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। पलटवार में ईरान ने भी कई हवाई हमले किए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि उसने अब तक केवल कबाड़ मिसाइलें दागी हैं। असली हथियारों का घातक इस्तेमाल अब होगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल पर कम से कम सत्तर मिसाइलें दागी गई हैं। इन हमलों के बाद इजरायल ने अपनी वायु सेना को हाई अलर्ट पर कर दिया है। सेना को निर्देश मिले हैं कि ज्यादा मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट किया जाए। इसके साथ ही, किसी भी नए हमले की स्थिति में तुरंत और सख्त जवाबी कार्रवाई करने के लिए पूरी सैन्य तैयारी रखी गई है।

विदेश मंत्रालय ने की हमले की कड़ी निंदा

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत चल रही थी। इससे शांति प्रयासों को गहरा झटका लगा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका-इजरायल के इस हमले का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। मातृभूमि की रक्षा के लिए हर कदम उठाया जाएगा।

अमेरिका-इजरायल ने संप्रभुता का उल्लंघन

मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका-इजरायल ने संप्रभुता का उल्लंघन कर सैन्य व नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है। खतरे के बावजूद ईरान ने टकराव टालने हेतु संवाद का विकल्प चुना था। लेकिन अब देश की रक्षा अनिवार्य है। ईरान बाहरी दबाव के आगे कभी नहीं झुका है। वह हर हमले का ऐसा सख्त और निर्णायक जवाब देगा कि हमलावर बुरी तरह पछताएंगे।

तैनात किए जाएंगे 70 हजार रिजर्व सैनिक

एक इजरायली सैन्य अधिकारी के मुताबिक, संभावित खतरों से निपटने के लिए आगामी दिनों में लगभग सत्तर हजार रिजर्व सैनिक तैनात किए जाएंगे। इनमें अधिकांश सैनिक एयर डिफेंस यूनिट के होंगे। दूसरी तरफ, इन हालातों में ईरान के भीतर तकरीबन नब्बे प्रतिशत इंटरनेट सेवाएं ठप होने की खबर है। इस रुकावट के कारण देश के बड़े हिस्से में डिजिटल संचार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डे, संसाधन और हित अब उनके निशाने पर हैं। संगठन ने जरूरत पड़ने पर इन अमेरिकी ठिकानों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। इसके अलावा, ईरानी सेना ने अपने सभी वरिष्ठ कमांडरों के सुरक्षित होने का दावा किया है। इन आक्रामक बयानों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।

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