दोस्त बोलकर घोंप दिया खंजर! भारत के खिलाफ ट्रंप की एक और चाल, ड्रग्स तस्करों की लिस्ट में डाला नाम

President Trump ने कांग्रेस को अवैध ड्रग्स के उत्पादन और आपूर्ति करने वाले 23 देशों की रिपोर्ट सौंपी, जिसमें भारत भी शामिल है। अमेरिका में ड्रग्स को बढ़ती समस्या और अपराधों के प्रमुख कारण बताया।
दोस्त बोलकर घोंप दिया खंजर! भारत के खिलाफ ट्रंप की एक और चाल, ड्रग्स तस्करों की लिस्ट में डाला नाम
डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी (फोटो- सोशल मीडिया)
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US Including India to Drug Trafficking Countries: अमेरिकी कांग्रेस के सामने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक रिपोर्ट पेश की, जिसका नाम प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन है। इस रिपोर्ट में उन्होंने कांग्रेस को उन देशों के नाम की एक लिस्ट सौंपी है जो अवैध ड्रग्स के उत्पादन केंद्र हैं या फिर जिनके जरिए नशें के सामान अमेरिका लाया जाता है। इस लिस्ट में कुल 23 देशों का नाम है जिसमें एक नाम भारत का भी है।

ट्रंप ने कांग्रेस में रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि, ड्रग्स का कारोबार अमेरिका और इसके आम नागरिकों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। अमेरिका में ड्रग्स एक बडी समस्या है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में होने वाली अपराधों के पीछे एक बड़ा कारण ड्रग्स है। इसे निपटने के लिए अमेरिका समय-समय पर कई कदम उठाता रहता है।

भारत समेत कई बड़े देशों का नाम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में 23 देशों का नाम शामिल है। इनमें अफगानिस्तान, चीन, बर्मा, भारत, पाकिस्तान,बोलीविया, कोलंबिया, कोस्टा रिका, हामास, बेलीज, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, डोमिनिकन रिपब्लिक,होंडुरास, जमैका, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू, वेनेजुएला और लाओस का शामिल है।

ट्रंप की सूची में अफगानिस्तान, बोलीविया, बर्मा, कोलंबिया और वेनेजुएला को विशेष रूप से आलोचना का निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में खुलेआम अफीम का व्यापार होता है। वहीं, वेनेजुएला और बोलीविया में सरकारी नियंत्रण के बावजूद ड्रग्स की रोकथाम के प्रयास अपर्याप्त हैं।

उनहोंने चीन पर भी सीधे हमला किया और उसे फेंटानिल तथा सिंथेटिक ड्रग्स का सबसे बड़ा वैश्विक स्रोत बताया। चीन से मेथाम्फेटामाइन और निटाजीन जैसे नए ड्रग्स की सप्लाई होती है, साथ ही ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी केमिकल्स की आपूर्ति भी चीन से होती है। ट्रंप ने चीनी सरकार से सख्त कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अपील की।

भारत ने उठाए सख्त कदम

भारत को भी सूची में शामिल किया गया है, लेकिन हालिया NCB की कार्रवाई को विश्वभर में सराहा गया है। दिल्ली के बंगाली मार्केट में एक स्थानीय जांच के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट पकड़ा गया, जो क्रिप्टोकरेंसी, ड्रॉपशिपिंग और डार्क वेब के जरिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप तक ड्रग्स सप्लाई कर रहा था। अमेरिकी दूतावास ने NCB को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत ने अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण मदद की है।

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