पोलैंड बंद करेगा रूसी वाणिज्य दूतावास, रेलवे लाइन धमाके के बाद बड़ा कदम

Russian Consulate Closed: पोलैंड और रूस के बीच कूटनीतिक तनाव नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। रेलवे लाइन पर हुए हालिया विस्फोट और रूसी खुफिया से कथित रूप से जुड़े दो यूक्रेनी नागरिकों पर संदेह के बाद रूसी...
Polonia cerrará el último consulado ruso, una medida importante tras la explosión en la línea férrea.
पोलैंड बंद करेगा आखिरी रूसी वाणिज्य दूतावास, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Poland Railway Explosion:  पोलैंड ने रूस के खिलाफ अपनी कूटनीतिक रणनीति को और सख्त करते हुए बुधवार को घोषणा की कि ग्दान्स्क स्थित अंतिम रूसी वाणिज्य दूतावास को बंद किया जाएगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि पोलैंड में रेलवे लाइन उड़ाने की साजिश में दो यूक्रेनी नागरिक शामिल थे, जो कथित तौर पर रूस के लिए काम कर रहे थे।

पोलिश समाचार एजेंसी पीएपी के अनुसार, विदेश मंत्री राडेक सिकोरस्की ने साफ कहा कि रूस को कई बार चेताया गया था कि यदि उसने पोलैंड के खिलाफ ऐसी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो उसकी कूटनीतिक मौजूदगी और सीमित कर दी जाएगी।

अब केवल वारसॉ स्थित दूतावास ही सक्रिय

सिकोरस्की ने कहा कि मैंने ग्दान्स्क में अंतिम रूसी वाणिज्य दूतावास के संचालन के लिए दी गई सहमति वापस लेने का फैसला किया है। यह हमारी पूरी प्रतिक्रिया नहीं है, लेकिन रूस को औपचारिक सूचना कुछ ही घंटों में दे दी जाएगी। इस फैसले के बाद अब पोलैंड में रूस की केवल वारसॉ स्थित दूतावास ही सक्रिय रहेगी। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने वारसॉ को यूक्रेन सीमा से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेलवे लाइन पर हुए धमाके को “तोड़फोड़ की अभूतपूर्व कार्रवाई” बताया। सोमवार को संसद में संबोधन के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि विस्फोट में शामिल दोनों संदिग्ध लंबे समय से रूसी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि संदिग्धों की पहचान ज्ञात है, लेकिन जांच पूरी होने तक सार्वजनिक नहीं की जा सकती। दोनों आरोपी अब पोलैंड छोड़कर बेलारूस पहुंच चुके हैं।

गुप्त गतिविधियों के आरोप

पश्चिमी खुफिया एजेंसियों द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में रूस और उसके सहयोगियों पर पूरे यूरोप में कई साइबर हमलों, विस्फोटों और अन्य गुप्त गतिविधियों के आरोप लगे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य यूरोप में अस्थिरता पैदा करना, यूक्रेन के लिए समर्थन कमजोर करना और समाजों को विभाजित करना है।

इसी बीच, रोमानिया ने भी दावा किया कि एक ड्रोन ने उसके हवाई क्षेत्र में करीब 8 किलोमीटर तक प्रवेश किया था, हालांकि किसी ड्रोन के जमीन पर गिरने की पुष्टि नहीं हुई है। यह घटनाएं यूरोप में बढ़ते तनाव को उजागर करती हैं।

ट्रम्प प्रशासन की 'गुप्त योजना' का दावा

वहीं, अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन पर्दे के पीछे रूस के साथ यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए एक नई 28 सूत्रीय योजना पर काम कर रहा है। इस योजना में सुरक्षा की गारंटी, यूरोप की सुरक्षा, और रूस-यूक्रेन के साथ भविष्य के अमेरिकी संबंधों की रूपरेखा शामिल होने की बात कही गई है।

Navbharat Live
navbharatlive.com