छत्रपति संभाजीनगर: गर्भवती नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो दोषियों को 20 साल का कठोर कारावास

Chhatrapati Sambhajinagar Crime: छत्रपति संभाजीनगर की अदालत ने गर्भवती नाबालिग से दुष्कर्म के दो दोषियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। घटना वैजापुर तहसील के देवगांव रंगारी क्षेत्र की है।
A Sambhajinagar court sentenced two men to 20 years of rigorous imprisonment for raping a pregnant minor. The incident occurred in Vaijapur's Devgaon Rangari area.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Court Verdict: छत्रपति संभाजीनगर गर्भवती नाबालिग (भांजे की पत्नी) से दुष्कर्म करने के मामले में ममेरे ससुर व उसके साले को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरडी खेड़ेकर ने 20 वर्ष के कठोर कारावास व 37,000 रुपए के दंड की सजा सुनाई है। घटना 14 अक्टूबर 2023 को वैजापुर तहसील के देवगांव रंगारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई थी।

पीड़िता व दोनों आरोपी दो अलग-अलग गांवों के निवासी हैं। घटना के समय पीड़िता की आयु 17 वर्ष 9 माह थी व उसका विवाह वर्ष 2022 में समाज की परंपराओं के अनुसार हुआ था। घटना के दिन सुबह पीड़िता का पति व ससुर मौसंबी तोड़ने खेत में गए थे व घर में पीड़िता व उसकी सास ही मौजूद थीं। पीड़िता की मानसिक रूप से बीमार सास को देखने के लिए उसका भाई, जो इस मामले में आरोपी है व उसका साला घर आए थे।

4 गवाहों के लिए गए बयान

आरोप है कि पीड़िता के ममेरे ससुर ने अपनी बहन यानी पीड़िता की सास को किसी बहाने से घर के बाहर भेजकर पीड़िता को हवस का शिकार बनाया। इसके बाद उसके साथ आए उसके साले ने भी पीड़िता का यौन शोषण किया। शिकायत में कहा गया है पीड़िता के गर्भवती होने की बात कहने के बावजूद आरोपियों ने उसकी पिटाई की।

देवगाव रंगारी पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ पोक्सो कानून व बलात्कार का प्रकरण दर्ज किया गया था। सरकारी वकील सुजाता देशमुख-पाठक ने 4 गवाहों के बयान लिए। पैरवी अधिकारी के रूप में संजय धुमाल ने व कोर्ट पैरवी अधिकारी के रूप में विद्या चव्हाण, वीजी कबाड़े ने काम देखा, पुलिस उपविभागीय अधिकारी स्वामी ने जांच की। प्रभारी अधिकारी के रूप में छत्रपति संभाजीनगर पुलिस थाने के संदीप राजपूत ने काम देखा।

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