

PM Modi European Leaders Phone Call: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के साथ-साथ द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें हैं, और उनके बीच विश्वास, साझा मूल्य और भविष्य के लिए समान सोच पर आधारित मजबूत रिश्ता है। नेताओं ने दुनिया में स्थिरता बढ़ाने, आपसी तरक्की के लिए नियमों पर आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने और भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी की भूमिका को जरूरी बताया।
बातचीत में व्यापार, तकनीक, निवेश, नवाचार, पर्यावरण, रक्षा, सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसे अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच हुई प्रगति की सराहना की गई। साथ ही भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत को जल्दी खत्म करने और IMEC कॉरिडोर को लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।
यूरोपीय नेताओं ने फरवरी में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों की भारत यात्रा को ऐतिहासिक बताया और जल्द ही भारत में अगला भारत-ईयू शिखर सम्मेलन आयोजित करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों नेताओं को भारत आने का निमंत्रण दिया। पीएम मोदी ने एक बार फिर कहा कि भारत शांति और स्थिरता के लिए हमेशा प्रयास करता रहेगा और रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है। बातचीत के अंत में सभी नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के बाद उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इसे लेकर अपनी खुशी जताई। लेयेन कहा, उन्हें पीएम मोदी से बात कर खुशी हुई। उन्होंने भारत द्वारा राष्ट्रपति जेलेंस्की (यूक्रेन) के साथ सहयोग की सराहना की और कहा कि भारत की भूमिका रूस को युद्ध रोकने और शांति की ओर ले जाने में अहम है।
उन्होंने कहा कि यह युद्ध पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि 2026 में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में एक साझा रणनीतिक एजेंडा बनाने की योजना है और साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी करने की पूरी कोशिश की जाएगी।