भोपाल में किसान आंदोलन पर बड़ा अपडेट, मंत्रालय में सरकार और किसानों की बैठक शुरू; जल्द निकलेगा समाधान!

Bhopal Kisan Andolan: भोपाल में किसान आंदोलन के बीच मंत्रालय में हाई-लेवल बैठक शुरू, मंत्रियों की समिति और 15 से ज्यादा किसान प्रतिनिधियों के बीच बंद कमरे में बातचीत।
Madhya Pradesh government begins crucial meeting with protesting farmers in Room 325 of Mantralaya in Bhopal
भोपाल में मंत्री और किसानों की बैठक (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Bhopal Farmers Meeting: भोपाल में जारी किसान आंदोलन के बीच बुधवार को मंत्रालय में सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक शुरू हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गठित मंत्रियों की समिति किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न मांगों पर चर्चा कर रही है।

मंत्रालय के कक्ष क्रमांक 325 में चल रही इस बैठक को किसान आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल बैठक को लेकर मीडिया की एंट्री सीमित रखी गई है और बातचीत बंद कमरे में जारी है।

मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद

बैठक में सरकार की ओर से कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर शामिल हैं। इनके अलावा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सुदाम खाड़े, कृषि संचालक निशांत वरवड़े, भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा और भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। अधिकारियों और मंत्रियों की मौजूदगी से साफ है कि सरकार किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

15 से अधिक किसान प्रतिनिधि रख रहे अपना पक्ष

बैठक में किसान संगठनों की ओर से 15 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। किसान अपनी प्रमुख मांगों को सरकार के सामने विस्तार से रख रहे हैं। इनमें ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने, खाद की ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने, किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने और अन्य कृषि संबंधी मुद्दे प्रमुख हैं। दोनों पक्षों के बीच आंदोलन समाप्त कराने और व्यावहारिक समाधान तलाशने को लेकर चर्चा जारी है।

समाधान की उम्मीद, बैठक पर सबकी नजर

राजधानी भोपाल में कई दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि संवाद के जरिए किसानों की समस्याओं का समाधान निकाला जाए और आंदोलन का शांतिपूर्ण अंत हो।

वहीं, किसान प्रतिनिधि भी अपनी मांगों पर ठोस निर्णय की उम्मीद लेकर बैठक में शामिल हुए हैं। अब सभी की नजर इस वार्ता के नतीजों पर टिकी है कि क्या सरकार और किसानों के बीच सहमति बन पाती है या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

https://youtu.be/ZkCPw-UzCII?si=tDYyRXWCSDUEQ7yh

Navbharat Live
navbharatlive.com