

Sanjay Raut On Pralhad Joshi And PM Modi: केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल के तहत धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोला है।
संजय राउत ने प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए तीखा तंज कसा और कहा कि जिस व्यक्ति का शिक्षा क्षेत्र से कभी कोई सरोकार नहीं रहा, उसे देश की शिक्षा व्यवस्था सौंप दी गई है।
संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रह्लाद जोशी मूल रूप से कोयला मंत्री हैं और उन्हें वही जिम्मेदारी संभालनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, "ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय दे दिया गया है जिसकी विचारधारा और शिक्षा क्षेत्र में योगदान शून्य है। यदि बलात्कारियों का समर्थन करने वाले लोगों को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाता है, तो खोट हमारे देश के प्रधानमंत्री की अक्ल में है। प्रधानमंत्री को समझना चाहिए कि वे किसे किस पद पर नियुक्त कर रहे हैं।"
राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी 'झूठ की खान' है और उन्होंने प्रह्लाद जोशी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए दावा किया कि वे अतीत में ऐसे तत्वों का समर्थन कर चुके हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति का जिक्र करते हुए संजय राउत ने एक बार फिर दोहराया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस केंद्र में बेहतरीन शिक्षा मंत्री साबित हो सकते हैं।
राउत ने कहा, "मैंने पहले भी कहा है कि देवेंद्र फडणवीस एक पढ़े-लिखे और योग्य नेता हैं। वे देश के बेस्ट एजुकेशन मिनिस्टर हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने भी उन्हें केंद्र में आने का संकेत दिया है, तो फिर देर किस बात की है? देश की चरमराई शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए ऐसे पढ़े-लिखे लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।"
जंतर-मंतर पर नीट आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज पुलिस मुकदमों का जिक्र करते हुए संजय राउत ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों पर से केस वापस लेने का वादा किया था।
उन्होंने कहा कि सरकार यह बहाना बना रही है कि आपराधिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। राउत ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों पर कार्रवाई की शुरुआत करनी है, तो इसकी शुरुआत सबसे पहले मोदी कैबिनेट से होनी चाहिए, मासूम छात्रों पर लाठियां चलाकर नहीं।