पाकिस्तान के सिंध में HIV का महा-विस्फोट, 3 महीने में 894 नए केस; सैकड़ों मासूम बच्चे भी शिकार
Pakistan Sindh HIV Crisis: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एचआईवी संक्रमण की डरावनी रफ्तार देखी जा रही है। महज तीन महीनों में 894 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें 329 बच्चे शामिल हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक एआई फोटो
Pakistan Sindh HIV Crisis Cases Rising: पाकिस्तान के सिंध प्रांत से स्वास्थ्य क्षेत्र की एक अत्यंत खौफनाक और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। स्थानीय मीडिया संस्थानों और सिंध स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सिंध में एचआईवी (HIV) संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है जो वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है।
सिंध में HIV का डरावना ग्राफ
स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल के पहले तीन महीनों के भीतर ही सिंध में कुल 894 नए एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमण का यह स्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात की ओर इशारा कर रहा है। अगर आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो जनवरी में 294, फरवरी में 324 और मार्च में 276 नए मामले दर्ज किए गए। इन संक्रमितों में 332 पुरुष, 204 महिलाएं और 29 ट्रांसजेंडर शामिल हैं, जो दर्शाते हैं कि यह वायरस समाज के हर वर्ग में तेजी से पैर पसार रहा है।
14 साल से कम उम्र के बच्चों पर सबसे बड़ा प्रहार
इस रिपोर्ट का सबसे विचलित करने वाला पहलू बच्चों में बढ़ता संक्रमण है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस साल अब तक 14 साल से कम उम्र के कुल 329 बच्चों में एचआईवी वायरस की पुष्टि हो चुकी है। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमित बच्चों में 188 लड़के और 141 लड़कियां शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में मासूमों का शिकार होना सिंध के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है,।
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क्या लौट रहे हैं 2019 के लरकाना जैसे हालात?
वर्तमान स्थिति ने 2019 में लरकाना के राटो डेरो इलाके में हुए उस खौफनाक मंजर की यादें ताजा कर दी हैं, जब एक दूषित सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल की वजह से 900 लोग संक्रमित हो गए थे, जिनमें 754 बच्चे शामिल थे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सिंध में संक्रमण बढ़ने की मुख्य वजह आज भी असुरक्षित सिरिंज का उपयोग और दूषित ब्लड ट्रांसफ्यूजन है।
यह उन इलाकों में विशेष रूप से गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है जहां स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और मानक बेहद कमजोर हैं। स्थानीय अस्पतालों की रिपोर्ट बताती है कि केवल एक ही अस्पताल में करीब 100 मामले सामने आए हैं जो स्थानीय स्तर पर स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है।
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राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता खतरा
HIV का यह संकट केवल सिंध तक सीमित नहीं है। 30 मार्च को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में अब तक 84,421 एचआईवी/एड्स के मरीज रजिस्टर्ड हो चुके हैं। स्वास्थ्य मामलों के संघीय मंत्री सैयद मुस्तफा कमाल ने सदन को बताया कि संक्रमितों की सबसे ज्यादा तादाद पंजाब और सिंध जैसे घनी आबादी वाले प्रांतों में है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत सख्त नियंत्रण उपाय नहीं किए गए और जन जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो यह संख्या आने वाले समय में और भी भयावह हो सकती है।
